साइबर अपराधियों ने कभी डिजिटल अरेस्ट तो कभी निवेश का झांसा देकर लोगों से धोखाधड़ी की। पांच महीने में 30 करोड़ से अधिक रुपये जालसाजों ने धोखे से हड़प लिए। इसके लिए फर्जी सिम और खातों का प्रयोग किया। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जांच की और 20,438 मोबाइल और 3,560 सिम पर ताला लगा दिया। हालांकि आरोपी पकड़ से दूर हैं।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज की जाती है। इसमें शिकायतकर्ता से जिन नंबरों से कॉल आई, जिन पर रकम ट्रांसफर की, उसकी जानकारी ली जाती है। साइबर थाना और साइबर सेल सत्यापन के बाद मोबाइल के आईएमईआई नंबर, सिम नंबर की जानकारी कर रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजती है। इसके बाद सिम और मोबाइल बंद किए जाते हैं।