जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली क्षेत्र में सेवा पॉवर प्रोजेक्ट में मंगलवार शाम केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के शिविर में हुई गोलीबारी में अंबेडकरनगर के निवासी असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय के बलिदान के बाद शव गांव लाया जा रहा है। लखनऊ एयरपोर्ट से शव गांव के लिए रवाना हो चुका है। यहां एनटीपीसी स्थित सीआईएसएफ बटालियन के जवान सलामी देंगे। इसके बाद अंतिम यात्रा शुरू होगी। सुबह से गांव में लोगों का हुजूम इकट्ठा होना शुरू हो गया है।
बता दें कि इब्राहिमपुर क्षेत्र के दौलतपुर एकसारा (मठिया) निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक शिव प्रसाद पांडेय के पुत्र अंकित पांडेय का चयन वर्ष 2017 में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में उपनिरीक्षक के पद पर हुआ था। वर्ष 2021 में अंकित ने विभागीय परीक्षा दी और उनका चयन डिप्टी कमांडेंट के पद पर हो गया था। करीब एक साल से कठुआ के बसोली क्षेत्र में जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। इसके पहले वह दिल्ली के भारत मंडपम में ड्यूटी कर रहे थे।
मंगलवार शाम को शिविर में हुई गोलीबारी में अंकित पांडेय का बलिदान हो गया था। कठुआ से पार्थिव शरीर को दिल्ली लाया गया जहां से फ्लाइट से लखनऊ आया और लखनऊ से सुबह करीब आठ बजे गांव के लिए परिजन रवाना हो चुके हैं। यहीं पर पूरे सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा निकलेगी। अंकित के करीब 75 वर्षीय पिता शिव प्रकाश पांडेय, मां प्रमिला, बहन योगेश्वरी, ललिता, नितेश्वरी, सुधा, सीमा व अंतिमा के साथ पत्नी प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल है।
ये हुई थी घटना : जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे शिविर में जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर अपनी सरकारी राइफल से गोलीबारी कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडेय, उप निरीक्षक लक्ष्मण सिंह समेत चार जवानों की मौत हो गई।
