यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में ‘अदृश्य शक्ति’ की कहानी। इसके अलावा ‘साहब के पास हर सवाल का जवाब’ और ‘साहब की महंगी तिजोरी’ के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी…
अदृश्य शक्ति
मैडम किसानों से जुड़े एक विभाग की हाल ही मुखिया बनी हैं। दफ्तर के तौर पर उनका बड़ा कमरा है। बाहर स्टाफ के बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था है। इस बड़े कमरे से सटा एक हॉल है, जिसमें विभागीय बैठकें होती हैं लेकिन मैडम को शोर पसंद नहीं है। यूं तो इस हॉल से आवाजें मैडम के दफ्तर तक पहुंचना आसान नहीं लेकिन पता नहीं ऐसी कौन सी अदृश्य शक्ति है जो हॉल में हो रही बैठक को शोर का स्वरूप देकर मैडम के कानों तक पहुंचा देती है। मैडम ने फरमान सुना दिया है कि हॉल में तभी बैठक होगी, जब बैठक की अध्यक्षता उन्हें खुद करनी होगी। मातहत अधिकारी इस फरमान से परेशान हो गए हैं और अदृश्य शक्ति का पता लगा रहे हैं। हॉल का समुचित उपयोग न हो पाना तो दीगर प्रश्न है।
साहब के पास हर सवाल का जवाब
राम मंदिर से जुड़े एक बड़े पदाधिकारी से कुछ दिन पहले दान की राशि में हुए हेरफेर को लेकर सवाल पूछा गया। साहब ने स्पष्ट रूप से मना करते हुए कहा था कि एसआईटी जांच कर रही है, बाकी उनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं क्योंकि उनका इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं रहता है, लेकिन अब अचानक वह सामने आ गए हैं। ताबड़तोड़ इंटरव्यू चल रहे हैं। एक-एक घटनाक्रम बता रहे हैं। कुछ को सीधा दोषी बता रहे हैं तो एक दो बड़े पदाधिकारियों को तत्काल क्लीनचिट दे रहे हैं। ये सोचने का विषय है कि आखिर अचानक इतनी सक्रियता कैसे?
साहब की महंगी तिजोरी
जनता को सूचना मुहैया कराने वाली संस्था में हाल में एक आलमारी (तिजोरी) की खरीद की चर्चा खूब हो रही है। चर्चा की वजह यह कि बाजार में जिस आलमारी की कीमत कुछ हजार है, उसका भुगतान लाखों में हुआ है। दरअसल संस्था में हाल में ही तैनात किए गए साहब अपने साथ एक चहेते ठेकेदार को लाए हैं, तो उसके धंधे का यहां ही शुभारंभ कराने के लिए अपने ऑफिस के लिए तिजोरी खरीदने का ऑर्डर दे दिया। तिजोरी इतनी महंगी है, इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि इससे पहले भी साहब जिस कल्याण वाले महकमे में तैनात थे, वहां भी इसी ठेकेदार को टेबल के नीचे से लाखों के सामान की खरीद का ऑर्डर देकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
