यूपी के सुल्तानपुर में रविवार देर रात जर्जर खपरैलनुमा कच्चे मकान की मुंडेर भरभराकर गिर गई। मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। जबकि, सात वर्षीय बेटे को भी चोट आई है। साथ में सो रहा चार वर्षीय बेटा बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। सोमवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के कोची गांव की है। गांव निवासी राम किशोर मिश्रा के बेटे अतुल कुमार मिश्रा की पत्नी प्रतिभा (29) रविवार रात अपने दो बेटों आयुष (7) और अयांश (4) के साथ कच्चे मकान में सो रही थी। अतुल मुंबई में दिहाड़ी मजदूरी करता है। रात करीब 12 बजे अचानक कच्चे मकान की मुंडेर भरभराकर गिर गई। मलबे में प्रतिभा उसके दोनों बेटे दब गए। मलबे से किसी तरह बाहर निकला अयांश बरामदे में सो रहे अपने बाबा राम किशोर के पास पहुंचा।
उसने घबराते हुए कहा, “चलो बाबा, घर गिर गया… मम्मी और भैया दब गए हैं।” मासूम की आवाज सुनकर राम किशोर और उनकी पत्नी घर के भीतर पहुंचे। शोर सुनकर पड़ोसी और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर मां-बेटे को बाहर निकाला। परिजन गंभीर रूप से घायल प्रतिभा को विरसिंहपुर स्थित सौ शैय्या अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। आयुष को भी उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उसकी हालत ठीक है।
आवास योजना का लाभ न मिलने पर उठे सवाल
महिला की मौत के बाद ग्रामीणों ने परिवार को सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। उनका कहना है कि यदि समय रहते परिवार को पक्का आवास मिल गया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था। पति के मुंबई में मजदूरी करने के दौरान पत्नी प्रतिभा ही दोनों बच्चों की देखभाल कर रही थी। हादसे में उसकी मौत के बाद दोनों मासूम बच्चों के सिर से मां की ममता का साया उठ गया। घटना से गांव में मातम पसरा है।
