कार्रवाई के दौरान सुबह छह बजे ही शास्त्रीनगर से जुड़े रास्तों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। इससे स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। बिजली आपूर्ति भी काट दी गई थी। सुबह सवा सात बजे से ध्वस्तीकरण शुरू किया गया।
सुप्रीम कोर्ट में 21 सितंबर को होने वाली सुनवाई से पहले 14 जुलाई के ध्वस्तीकरण आदेश के अनुपालन में आवास एवं विकास परिषद की ओर से यह कार्रवाई की गई। सुबह से ही इलाके में भारी फोर्स तैनात कर बुलडोजर लगाए गए। इसके बाद सील भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई।
व्यापारियों ने किया विरोध, अधिकारियों से हुई वार्ता
कार्रवाई के दौरान मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष और जगदंबा अस्पताल के मालिक रविंद्र गुर्जर, भारतीय किसान यूनियन धन सिंह कोतवाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितेश पंवार समेत कुछ व्यापारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें बाजार में ही एक आवास में बैठा दिया।
एडीएम सिटी, एसपी सिटी और मजिस्ट्रेट ने उनसे वार्ता की। इसी बीच निर्माण तोड़ने के लिए बड़ी पावर क्लीन मशीन लगाई जाने लगी। मशीन को देखकर व्यापारियों में खलबली मच गई।




