आगरा के जिला महिला चिकित्सालय (लेडी लायल अस्पताल) में नगर निगम की अनदेखी से सफाई व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। बारिश के मौसम में खुले में सड़ रहे कचरे से उठती दुर्गंध और मच्छरों की भरमार ने गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सेहत पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से किए जा रहे तमाम दावे नगर निगम की लापरवाही के आगे बेकार साबित हो रहे हैं। अस्पताल परिसर में कूड़ेदान न होने के कारण बायोमेडिकल वेस्ट और सामान्य कचरा खुले में ही फेंका जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कई बार नगर निगम के अधिकारियों को पत्र लिखने के बावजूद अब तक न तो डस्टबिन उपलब्ध कराए गए और ना ही कचरा उठाने के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए।
अस्पताल में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन परिसर में पसरी गंदगी के कारण यहां संचारी रोगों के फैलने की आशंका बनी हुई है। तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल के आसपास बदबू इतनी तीव्र है कि सांस लेना भी दूभर हो जाता है।
लिखा जा चुका है पत्र
लेडी लायल अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. पुष्पलता ने बताया कि अस्पताल परिसर से नियमित कचरा उठाने और नए डस्टबिन उपलब्ध कराने करने के लिए मानसून शुरू होने से पहले ही नगर निगम को पत्र भेजा गया था। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिसर में गंदगी जमा रहने से मरीजों, नवजात शिशुओं और कर्मचारियों में संक्रमण फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
