आगरा। आगरा की फिरकी का वह जादू, जिसके आगे आठ साल तक कोई भारतीय गेंदबाज नहीं निकल सका, आखिरकार टूट गया। 2018 में एक कैलेंडर वर्ष में 35 टी-20 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेकर पूनम यादव ने जो रिकॉर्ड बनाया था, उसे श्रीचरणी ने एशिया कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ चार विकेट चटकाकर 39 विकेट के साथ अपने नाम कर लिया।
2018 में पूनम यादव ने अपनी लेग स्पिन और गुगली से भारतीय महिला क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पूरे कैलेंडर वर्ष में टी-20 में 35 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए थे। उनका यह रिकॉर्ड आठ साल तक कायम रहा। अब श्रीचरणी ने 2026 में 39 विकेट के साथ नया भारतीय रिकॉर्ड बना दिया।
रिकॉर्ड टूटने के बाद पूनम यादव ने इसे खेल का स्वाभाविक हिस्सा बताया। अमर उजाला से बातचीत में पूनम ने कहा, रिकॉर्ड तो टूटने के लिए ही होते हैं। श्रीचरणी बहुत ही शानदार गेंदबाज हैं। वह अभी युवा हैं और बहुत प्रतिभाशाली हैं। मुझे भरोसा है कि आगे वह और भी बहुत रिकॉर्ड बनाएंगी।
पूनम के कोच मनोज कुशवाहा ने कहा, रिकॉर्ड टूटना खेल का हिस्सा है, लेकिन आठ साल तक रिकॉर्ड कायम रहना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। पूनम ने जिस समय 35 विकेट लिए थे, उस समय उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट में गेंदबाजी का अलग स्तर स्थापित किया था। आगरा से भारतीय टीम तक पहुंचीं पूनम यादव ने अपनी कलाई की फिरकी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाई। बड़े मुकाबलों में विकेट निकालने की क्षमता ने उन्हें लंबे समय तक भारतीय टीम का अहम हिस्सा बनाए रखा। उनका सफर आगरा की बेटियों के लिए प्रेरणा बना।
रिकॉर्ड बदला, गौरव कायम
श्रीचरणी ने पूनम का रिकॉर्ड भले ही पीछे छोड़ दिया, लेकिन 35 विकेट का आंकड़ा ताजनगरी के क्रिकेट इतिहास में हमेशा खास रहेगा। एशिया कप में आगरा की दीप्ति शर्मा की मौजूदगी और श्रीचरणी के नए रिकॉर्ड के बीच पूनम का नाम फिर चर्चा में आना आगरा की महिला क्रिकेट प्रतिभाओं की मजबूत परंपरा को सामने लाता है।
