इटावा। बारिश के बाद हुए जलभराव से डेंगू का डंक लोगों को परेशान कर रहा है। दो दिनों में डेंगू के नौ मामले सामने आ चुके हैं, इनमें मंगलवार को मिले चार डेंगू मरीज भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 दिनों में 20 डेंगू के केस सामने आ चुके हैं। इसमें जिला अस्पताल में चार मरीजों का इलाज चल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से अभी तक 38 स्थानों से लार्वा नष्ट कराया गया है। इसमें सबसे अधिक लार्वा कूलर, फ्रिज के पीछे, गमलों व जानवरों की नाद में मिला था। इसमें सबसे अधिक लार्वा गढ़ाकासदा व पुरामल्हान में मिला था।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 38 जगहों पर लार्वा को दवा का छिड़काव करके नष्ट कराया गया है। इसमें गढ़ाकासदा व पुरामल्हान में कूलर में पांच जगह, जानवरों की नाद में 13 जगह पानी की टंकी में चार जगह लार्वा मिला था। स्वास्थ्य टीम ने एंटी लार्वा का दवा का छिड़काव कर उसको नष्ट कराया था। ग्रामीणों को पानी को एकत्र न करने की अपील की गई थी। इसी तरह शहर एकता कॉलोनी व कांशीराम कॉलोनी कस्बे जसवंतनगर में कूलर, फ्रिज के पीछे वाले ढक्कन व छतों पर रखे गमलों में लार्वा मिलने पर नष्ट कराया गया। बीते 15 दिनों में जिलेभर में डेंगू के 20 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें सोमवार को जिला अस्पताल में पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी, जबकि मंगलवार को चार मरीजों में डेंगू पॉजिटिव निकला है। वर्तमान समय में जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में चार मरीजों का डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि कूलर, फ्रिज के पीछे, गमले, पुराने टायर, जानवरों की नाद व खुली पानी की टंकी में दो-तीन दिन से ज्यादा पानी जमा न होने दें। इन जगहों पर भरे पानी को हटा दें। साथ ही पानी को बराबर बदलते रहे। ऐसे में लार्वा पनपे की बहुत कम संभावना कम रहती है।

गढ़ाकासदा में चार बच्चों की हो चुकी मौत

ब्लॉक चकरनगर के गढ़ाकासदा व पुरामल्हान में एक माह में चार बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चों की लगातार मौत के जिला प्रशासन के सहयोग से आयुर्विज्ञान विवि सैफई की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की थी। इस दौरान 10 बच्चों के सैंपल लिए गए थे। साथ ही मृतक बच्चों की रिपोर्ट भी डॉक्टर ने एकत्र कर लैब में जांच की थी। इसमें दो बच्चों की डेंगू से मौत हो की पुष्टि हुई थी। साथ ही 10 बच्चों में डेंगू जैसे लक्षण मिले थे। इसकी रिपोर्ट भी सीएमओ को भेजी गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने आसपास गांव के निभी, पथर्रा, भरेह, पहलन और महुआसूड़ा गांवों में टीम को भेजकर जांच करवाई थी। इन गांवों में कई लार्वा को नष्ट कराया गया था।

एकता कॉलोनी में फॉगिंग करवाकर लार्वा को कराया गया नष्ट

डीएमओ की देखरेख में शहर की एकता कॉलोनी में गंदगी वाले स्थानों व जलभराव स्थानों पर फॉगिंग करवाकर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया। साथ ही लोगों को घरों के आसपास पानी एकत्र न करने की सलाह दी गई। बीमार पड़ने पर तुरंत जांच करवाकर इलाज कराने की बात कही गई।

टीम ने शहर के पांच स्थानों पर दवा का करवाया छिड़काव

मंगलवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एनएसन सिंह की अगुवाई में शहर के पांच स्थानों पर वैशालीपुरम्, कृष्णानगर, फ्रेंडस कॉलोनी, वैभवनगर व जसहोना में टीम ने घर-घर जाकर मरीजों की पड़ताल की। इसमें खांसी, जुकाम व वायरल संक्रमण के कुछ मरीज मिले। साथ टीम ने घरों में फ्रिज के पीछे, कूलर, गमलों में मिले लार्वा को नष्ट करवाकर दवा छिड़काव करवाया। साथ ही लोगों को सफाई रखने के प्रति जागरूक किया गया।

वर्जन

बारिश के हुए जलभराव व एकत्र पानी से लार्वा पनप रहा है। बीमार लोगों की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य टीम को भेजकर फॉगिंग व दवा का छिड़काव कर लार्वा का नष्ट करवाया जा रहा है। गांव के बाद अब शहरी क्षेत्रों में टीमों को भेजकर पड़ताल करवाई जा रही है। साथ ही लोगों को बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई रखने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

-डॉ. एसएन सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।

फोटो 25: जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

फोटो 25: जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

फोटो 25: जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद

फोटो 25: जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद



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