मलपुरा में जब्त दवाएं देश-विदेश की पांच नामी कंपनियों की हैं। ये 14 तरह की दवाएं हैं। इनको पुडुचेरी में बनवाकर यहां छिपाया गया था। इनकी जांच कराने के लिए 14 नमूने लिए हैं। इनकी रिपोर्ट खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त डॉ. रोशन जैकब को भी दी है। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये दवाओं के मुद्दे पर जानकारी भी की।
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि गोदाम में दवाओं के बैच नंबर, निर्माता कंपनी, कीमत समेत सभी की सूची बनाई है। ये सनफार्मा, डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज लिमिटेड, एस्ट्राजेनेका बायोफर्मासिटिकल, सनोफी बायोफर्मासिटिकल, टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की हैं। ये दवाएं रोसुवास 20, रोसुवास 40, एलेग्रा एम, एलेग्रा, एमारिल वन, एमारिल दो, लोसर एच, लोसर 50, जलरा एम, एमारिल एम, कार्डेस 2.5, केटोरोल डीटी हैं। इन कंपनियों को भी नोटिस देकर पूछा जा रहा है कि ये दवाएं उनके यहां निर्मित हैं कि नहीं। प्रारंभिक जांच में ये दवाएं 2025 में नकली दवा से जुड़ी बताई गई हैं। ये नामी कंपनियों की दवाएं पुडुचेरी में बनवाकर कई राज्यों में खपाई जाती हैं। पुडुचेरी से दवा माफिया एके राजा समेत कई की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है।
मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग की दवाएं
औषधि निरीक्षक ने बताया कि जब्त दवाओं में मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, हृदय, एलर्जी, थायरॉइड, त्वचा रोग समेत कई बीमारियों की दवाएं हैं। ये दवाएं सबसे ज्यादा बिकती हैं।
– नामी कंपनियों की 14 तरह की दवाएं बरामद की हैं। इनकी जांच करा रहे हैं। दवाओं के नकली होने के दो पैमाने हैं, जिसमें दवाओं में जरूरी औषधीय तत्व न मिलना। अगर इसमें पास हो जाएं और किसी दूसरी कंपनी के नाम से दवाएं बनाकर बेची जाएं तो भी नकली की श्रेणी मेें आती हैं। अभी जांच चल रही है।
अरविंद गुप्ता, सहायक आयुक्त औषधि
