संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

Updated Sun, 15 Oct 2023 12:43 AM IST

कासगंज। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में पांच साल बाद ससुर अपने दमाद के भाई की हत्या के आराेप से दोष मुक्त हो गया। कोर्ट ने जमानत के बंध पत्रों को निरस्त कर दिया। सहावर क्षेत्र के नगला मधो में 19 अक्तूबर 2019 को रात्रि 9 बजे डोरी लाल, उसका पुत्र राजवीर एवं राजवीर का साला बब्लू निवासी मानपुर नगरिया घर के बाहर खडे़ थे। तभी डोरी लाल का दूसरा पुत्र कैलाश उसका ससुर प्रेमपाल ट्रैक्टर लेकर जुताई के लिए जा रहे थे। आरोप है कि डोरीलाल, राजवीर एवं बब्लू को खड़ा देखकर वे अपना ट्रैक्टर वापस ले गए और गालियां देने लगे। इसके बाद राजवीर ने अपने भाई के ससुर को डंडे से मार दिया। इसके बाद कैलाश व राजवीर के बीच हाथापाई हो गई। तभी प्रेमपाल ने राजवीर को दबोच लिया और कैलाश ने उसे गोली मार दी। घायल हो जाने पर उसको स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

पिता ने अपने पुत्र कैलाश और उसके ससुर प्रेमपाल के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। पुलिस जब गोली की सूचना पर गांव पहुंची तो कैलाश का शव गांव के बाहर पड़ा हुआ मिला। जबकि राजवीर को परिजन स्वास्थ्य केद्र ले गए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम को भेजा। पुलिस ने आरोपी प्रेमपाल को जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी। बाद में प्रेमपाल जमानत पर जेल से बाहर आया। बचाव पक्ष की ओर से असद मुस्तफा एडवोकेट ने मामले की पैरवी की। अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध नहीं कर सका। कोर्ट ने उनको दोष मुक्त कर दिया। कोर्ट ने 25 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंध पत्र तथा इतनी ही धनराशि के दो प्रतिभू कोर्ट में दाखिल करने के निर्देश दिए ताकि अपील होने पर अपीलीय न्यायालय द्वारा तलब किए जाने पर उपस्थिति हो।



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