आगरा। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में करीब पांच साल पहले 10 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कुंदन किशोर सिंह की अदालत ने तीनों दोषियों सोनी उर्फ इरफान, जाहिद और आदिल को शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक के लिए आजीवन कठोर कारावास की सजा दी। साथ ही प्रत्येक पर 1.53 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

घटना 18 जुलाई, 2021 की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे की है। बच्ची घर से बर्फ लेने के लिए निकली थी। रास्ते में आरोपी सोनी उर्फ इरफान ने उसे यह कहकर अपने घर बुलाया कि उसकी मां अंदर बुला रही है। घर के अंदर जाने पर वहां उसकी मां मौजूद नहीं थी। वहां सोनी के साथ जाहिद और आदिल थे। आरोपियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर मासूम के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।

अस्पताल में पांच दिन भर्ती रही

बच्ची के रोने और चीखने की आवाज सुनकर उसकी मां मौके पर पहुंची। बेटी की गंभीर हालत देखकर होश उड़ गए। परिजन ने आनन-फानन बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही। इस वीभत्स घटना की प्राथमिकी थाना एत्माद्दौला में दर्ज कराई गई।

पेश हुए कुल छह गवाह

करीब पांच साल तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पीड़िता समेत कुल 6 गवाह पेश किए गए। अदालत में पीड़िता ने अपने बयानों से घटना की पूरी सच्चाई बयां की, जिसकी पुष्टि चिकित्सकीय साक्ष्यों (मेडिकल रिपोर्ट) से भी हुई। मां की गवाही और पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को इस जघन्य अपराध का दोषी करार दिया और समाज में कड़ा संदेश देते हुए उन्हें शेष जीवनकाल जेल में काटने की सजा सुनाई।



Source link

अभी अभी की खबरें