{“_id”:”6aee187e53033592540ccbdf”,”slug”:”outrage-over-poor-management-at-bateshwar-cattle-fair-carcass-of-a-dead-mare-left-lying-in-the-open-agra-news-c-421-1-sagr1004-20978-2026-11-06″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Agra News: बटेश्वर पशु मेला बदइंतजामी से आक्रोश मृत घोड़ी का शव खुले में पड़ा रहा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

बाह: बटेश्वर मेला: मेला क्षेत्र में पड़ी मृत घोड़ी
बाह। बटेश्वर के पशु मेला में बृहस्पतिवार रात किरावली के पशुपालक कलुआ की घोड़ी की मौत हो गई। लापरवाही के चलते शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक शव खुले में पड़ा रहा। धूल व असमान तापमान के कारण पशुओं में निमोनिया व एलर्जी का संक्रमण फैल रहा है। इंदौर के सचिन व अलीगढ़ के अनुज ने बीमार पशुओं के इलाज और पानी की बदइंतजामी पर आक्रोश जताया। बरेली के सप्पू और हाथरस के हीरालाल ने बताया कि एक मवेशी की प्यास बुझाने के लिए रोजाना 100 रुपये का पानी खरीदना पड़ रहा है। 11 नवंबर से शुरू होने वाले मेले में अव्यवस्थाओं के चलते मेरठ के मोमीन और राजाखेड़ा के रौकी सहित कई व्यापारी माल बेचकर समय से पहले ही लौटने लगे हैं। बिना पंजीकरण खरीद-बिक्री से जिला पंचायत को राजस्व का घाटा हो रहा है।
धूल व निमोनिया के कारण 4 घोड़ों का इलाज किया है। घोड़ी की अचानक हालत बिगड़ने से मौत हुई थी, टीम को उपचार का मौका नहीं मिला। – डॉ. सुनील कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
बुलडोजर से शव निस्तारण की व्यवस्था की गई है। टैंकरों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है, खरीद की शिकायत अब नहीं है। – मासूम रजा, मेला अधिकारी, जिला पंचायत

