फतेहाबाद/बाह। यमुना नदी में लगातार जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे स्थित खेतों में पानी भर गया है। इससे बाजरे की खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। फसल में पानी भरने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है।
तहसील फतेहाबाद क्षेत्र के भोलपुरा, बमरौली, धारापुरा, चर्रपुरा, पिन्नापुरा, स्वारा, रिहावली और सिलावली सहित कई गांवों के किसानों की खेती यमुना नदी के किनारे है। लगातार जलस्तर बढ़ने के कारण यमुना का पानी खेतों में पहुंच गया है। इससे बाजरे की खड़ी फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और खेतों में कई दिनों तक पानी भरा रहा तो बाजरे की फसल पूरी तरह खराब हो जाएगी। उधर, विभिन्न बांधों का पानी आने से बाह में वायुवेग से यमुना चढ़ रही है। निचले इलाके के कछार के खेतों में पानी भरने से अपनी फसलें उजड़ने की आशंका में ग्रामीणों की नींद उड़ गई है। एसडीएम विनोद कुमार ने हल्का लेखपालों को नदी के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि बचाव और राहत के लिए 5 बाढ़ चौकियां बटेश्वर, बिक्रमपुर, पारना, कचौराघाट, रामपुर चंद्रसेनी में बनाई जा रही हैं। बाढ़ के हालात पैदा होने पर ग्रामीणों को विस्थापित कर चौकियों में रखा जाएगा। गांवों में मुनादी कर नदी क्षेत्र में न जाने के लिए सतर्क किया गया है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से गगनकी, बड़ापुरा, रामपुर चन्द्रसेनी, चरीथा, बाग गुड़ियाना, पुरा चतुर्भुज आदि गांवों के कछार के खेतों में पानी भरने लगा है। बाजरा एवं तिल की फसल में नुकसान के अंदेशे से किसान चिंतित हो उठे हैं।
