आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई की गई है। इन कॉलेजों के परिणाम भी रुक गए हैं। इन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इनकी रिपोर्ट राजभवन भी भेजी जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक द्वितीय, चतुर्थ, षष्ठम सेमेस्टर और परास्नातक द्वितीय, चतुर्थ सेमेस्टर अप्रैल-मई 2026 के प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक विश्वविद्यालय की लॉग-इन आईडी पर ऑनलाइन अपलोड करने थे। इन कॉलेजों को 28 जून तक का मौका था। 500 कॉलेजों में से अभी 100 से अधिक कॉलेजों ने प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक अपलोड नहीं किए हैं। इन कॉलेजों पर अब 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगेगा। अधूरे अंक देने पर इनका परिणाम भी नहीं जारी हो पा रहा है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि प्रायोगिक अंक जमा करने के लिए कई बार तिथि भी बढ़ाई, लेकिन अभी तक 100 से अधिक कॉलेजों ने अंक जमा नहीं किए हैं। अधूरे अंक होने के कारण परिणाम जारी नहीं हो सकता है। ऐसे में इन कॉलेजों के छात्र-छात्राएं दीक्षांत समारोह में भी शामिल नहीं हो पाएंगे। इन सभी पर जुर्माना लगेगा। इन कॉलेजों की एजेंसी से सूची बनाने के लिए कहा है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी कृपाल सिंह ने बताया कि हमने अपने एसोसिएशन के व्हाट्स एप ग्रुप पर अंक जल्द प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन से इन कॉलेजों की सूची भी मांग रहे हैं।
