अलीगढ़ के टप्पल में दहेज के लिए नवविवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय तारकेश्वरी सिंह की अदालत ने दोषी पति, सास, ससुर और देवर को 15-15 साल कारावास की सजा सनाई है। प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
हरियाणा के फरीदाबाद निवासी जहरुद्दीन ने 30 अप्रैल 2023 को अपनी दो बेटियों मुनीश और गुलफ्सा का विवाह किया था। उनका विवाह अलीगढ़ के टप्पल निवासी इदरीश के बेटों अतीक और सद्दीक से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज में कार की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर दोनों बहनों को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। पिता जहरुद्दीन ने 25 सितंबर 2023 को टप्पल थाने में मामला दर्ज कराया था।
हालांकि, बेटियों का घर बचाने की उम्मीद में सामाजिक स्तर पर समझौता हुआ और उन्हें दोबारा ससुराल भेज दिया गया। समझौते के बाद भी आरोपियों की प्रताड़ना जारी रही, जिसका अंत गुलफ्सा की हत्या में हुआ। 2 नवंबर 2023 को बड़ी बहन मुनीश ने पिता को फोन पर छोटी बहन की हत्या की सूचना दी थी। पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर पति अतीक, देवर सद्दीक, ससुर इदरीश और सास हमसर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर आरोप पत्र सत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी पाया।