अलीगढ़ शहर के ऊपरकोट इलाके के पास स्थित बानियापाड़ा में भगवान श्री बांकेबिहारी का प्राचीन विग्रह सारस्वत परिवार के मंदिर में स्थापित है। प्रदेश सरकार ने इस मंदिर का सुंदरीकरण कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक करोड़ रुपये का बजट जारी करने का ऐलान किया था, लेकिन सारस्वत परिवार मंदिर या इससे संबंधित किसी भी ट्रस्ट के भूमि संबंधी कोई सरकारी कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे मंदिर को निजी संपत्ति मान लिया गया और बजट जारी नहीं हो सका।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि सारस्वत परिवार मंदिर की भूमि से संबंधित कोई कागजात पेश नहीं कर पाया है। अगर मंदिर या इसके लिए बनाए गए किसी ट्रस्ट के भू स्वामित्व का कोई कागज होता तो बजट जारी किया जा सकता था। निजी संपत्ति पर बने मंदिर का सुंदरीकरण नहीं कराया जा सकता है।

इस परिवार के प्रेरित सारस्वत ने बताया कि 1935 में बने भू स्वामित्व के कुछ कागज उनके पास हैं, लेकिन वह अरबी भाषा में लिखे हुए हैं, इसलिए स्थानीय तहसील स्तर से उनका सत्यापन नहीं हो पाया है। आजादी के बाद का कोई कागज उनके पास नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में आसपास के लोग दर्शन और पूजा करने आते हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी और अन्य वर्षिक आयोजन भी होते हैं। उन्होंने बताया कि शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा ने मंदिर का सुंदरीकरण कराने की पहल की थी। वहीं, शहर विधायक का कहना है कि यह मंदिर प्राचीन है और इसका विग्रह भी दर्शनीय है। इसलिए उन्होंने सुंदरीकरण कराने की पहल की थी।

प्राचीन विग्रह है

इस मंदिर में पूजा पाठ करने वाली मधु सरास्वत कहतीं हैं कि स्वामी हरिदास की भक्ति से प्रसन्न होकर जो दो विग्रह प्रकट हुए थे। यह उन्हीं में से एक है।



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