Muzaffarnagar कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। यात्रा शुरू होने से पहले संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है, ताकि स्थानीय नागरिकों के सहयोग से कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। इसी क्रम में गुरुवार को रोहाना पुलिस चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने अपनी टीम के साथ चौकी क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर शांति समिति की बैठकें आयोजित कीं और आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन का सहयोग करें, ताकि लाखों शिवभक्तों की यात्रा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।


बधाई खुर्द, जट नगला और रोहाना खुर्द में हुई शांति समिति की बैठकें

रोहाना चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने कांस्टेबल राजू सिंह, अश्वनी शर्मा और बॉबी यादव के साथ चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बधाई खुर्द, जट नगला और रोहाना खुर्द गांवों में शांति समिति की बैठकों का आयोजन किया।

इन बैठकों में गांवों के प्रधान, गणमान्य नागरिक, सामाजिक प्रतिनिधि तथा दोनों समुदायों के लोगों ने सक्रिय भागीदारी की। पुलिस प्रशासन ने सभी उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता प्रशासन और जनता के आपसी सहयोग पर निर्भर करती है।


कांवड़ मार्ग पर बढ़ेगी पुलिस की निगरानी, रात्रि गश्त भी होगी तेज

बैठक के दौरान चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग से जुड़े गांवों में विशेष पुलिस निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त के साथ-साथ रात्रि पेट्रोलिंग को भी और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, अव्यवस्था अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। स्थानीय पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में मौजूद रहेगी और प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेगी।


डीजे की आवाज निर्धारित ध्वनि सीमा में रखने के निर्देश

कांवड़ यात्रा के दौरान ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने डीजे संचालन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए।

चौकी प्रभारी ने कहा कि यात्रा के दौरान बजाए जाने वाले डीजे एवं साउंड सिस्टम की आवाज निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही रखी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों का उल्लंघन होने पर संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि ध्वनि नियंत्रण का उद्देश्य श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और आम जनजीवन के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।


सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर

बैठक के दौरान सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। चौकी प्रभारी मोहित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की भ्रामक, अपुष्ट या भड़काऊ सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली गलत जानकारी कई बार अनावश्यक तनाव और भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इसलिए किसी भी संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना आवश्यक है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मांगा ग्रामीणों का सहयोग

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी सहयोग मांगा।

अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ मार्ग और उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर अनावश्यक वाहन खड़े न किए जाएं तथा ऐसी कोई गतिविधि न हो जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो। स्थानीय लोगों से आग्रह किया गया कि प्रशासन द्वारा जारी यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को सहयोग प्रदान करें।


ग्रामीणों ने प्रशासन को दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में जट नगला के प्रधान अर्जुन निर्वाल, बिट्टू, प्रभात बालियान सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन को आश्वस्त किया कि आगामी कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान वे पूरी जिम्मेदारी के साथ प्रशासन का सहयोग करेंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि सामाजिक सौहार्द, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए गांव स्तर पर भी पूरा सहयोग दिया जाएगा।


सामुदायिक सहभागिता से सुरक्षित और शांतिपूर्ण कांवड़ यात्रा पर प्रशासन का फोकस

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान केवल सुरक्षा बलों की तैनाती पर्याप्त नहीं होती, बल्कि स्थानीय नागरिकों, ग्राम प्रधानों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से लगातार शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि संवाद के माध्यम से संभावित समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके।

प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में भी क्षेत्र में इसी प्रकार के जनसंपर्क अभियान और सुरक्षा समीक्षा बैठकें जारी रहेंगी, जिससे मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जा सके।


मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा को लेकर रोहाना पुलिस ने गांव-गांव पहुंचकर शांति समिति की बैठकें आयोजित करते हुए सुरक्षा, यातायात, ध्वनि नियंत्रण और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतत निगरानी रखी जाएगी तथा किसी भी प्रकार की अफवाह, अव्यवस्था या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 



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