यूपी में अंबेडकरनगर के हंसवर में बरही चौराहे के निकट बृहस्पतिवार रात संदिग्ध हालात में माइनर में गिरने से दाउदपुर निवासी शिवपूजन (32) की मौत हो गई। खबर मिली तो घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
छोटे भाई रामपूजन ने बताया कि शिवपूजन की पत्नी मंजू देवी अपने बच्चों के साथ मायके अकूतपुर गई थीं। बच्चों से मिलने के लिए शिवपूजन बृहस्पतिवार रात करीब 9.00 बजे बाइक से अकेले करीब 12 किमी दूर ससुराल के लिए निकले थे। वह बिना हेलमेट लगाए बाइक चला रहे थे। बरही चौराहे से करीब 500 मीटर उत्तर दिशा में स्थित छोटी माइनर के पास बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई।
हेलमेट न लगाए होने से सिर पर चोट लग गई
नहर में पानी नहीं था, लेकिन कीचड़ और फिसलन के कारण शिवपूजन गिर पड़े। गिरने के दौरान उनके सिर पर चोट लग गई। हादसे के बाद वह मौके पर ही बेसुध अवस्था में पड़े रहे। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी देर से मिली। रात करीब 10.15 बजे परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
गंभीर रूप से घायल शिवपूजन को मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर ले जाया जा रहा था। लेकिन, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन मौत किस वजह से हुई इसकी सटीक जानकारी अभी नहीं दे पा रहे हैं। वजह यह है कि शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। सीओ टांडा शुभम कुमार ने बताया कि अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शिवपूजन गांव में मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके जाने से घर की पूरी जिम्मेदारी अब एक झटके में बिखर गई है। घर में बूढ़े माता-पिता राम चरन और कमला देवी इस हादसे से सदमे में हैं। जिस बेटे के सहारे उन्होंने बुढ़ापे की उम्मीदें संजोई थीं, उसकी अचानक मौत ने उन्हें तोड़ दिया है।
पत्नी मंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। चार मासूम बच्चे सक्षम (12), साक्षी (10) और दो वर्षीय जुड़वां श्रेष्ठ व शिवांश ननिहाल में थे। हर कोई पिता के आने का इंतजार कर रहा था। बच्चे बार-बार पूछ रहे थे कि पापा कब आएंगे। इंतजार की घड़ी में जिंदगी ने अपना सबसे कठोर मोड़ ले लिया। घर पहुंचने से पहले ही एक फोन ने सब कुछ बदल दिया।
