बरेली शहर निवासी दो बहनें अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर ठगी का रैकेट चला रही थीं। दोनों बहनें खुद को आईएएस अफसर बताकर बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसाती थीं और उनसे ठगी करती थीं। शिकायत मिलने पर पुलिस ने दोनों बहनों समेत तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले में बारादरी पुलिस ने रविवार रात रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
चार पीड़ितों ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
कभी खुद को प्रशिक्षु आईएएस तो कभी एडीएम और कभी एसडीएम बताकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देने वाली विप्रा मिश्रा, उसकी बहन शिखा पाठक और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है। बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह ने बताया कि फाइक एन्क्लेव निवासी प्रीति लॉयल समेत चार लोगों ने संयुक्त रिपोर्ट कराकर इन दोनों बहनों पर करीब साढ़े 11 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है।
रैकेट में शामिल हैं कुछ और आरोपी
थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मंगलवार को इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोनों बहनों के कुछ और साथी बताए जा रहे हैं जो ठगी का रैकेट चलाने में इनकी मदद करते थे। ठगी के और शिकार सामने आएंगे तो उनका मामला भी दर्ज किया जाएगा।
