बरेली में आला हजरत उर्स के आखिरी दिन शनिवार को कुल की रस्म के लिए बड़ी संख्या में जायरीन इस्लामिया मैदान में जुटे। इस मौके पर आयोजित जलसे में देश-विदेश के नामवर उलमा ने मजहब-ए-इस्लाम, पैगंबर-ए-इस्लाम की तालीमात, मसलक-ए-आला हजरत के मिशन पर रोशनी डाली। कारी यूसुफ रजा संभली ने कहा कि मुसलमान शरीयत के साथ मुल्क के प्रति भी वफादार रहें। गाना बजाना और डीजे से बचें। मुफ्ती अर्सलान रजा कादरी ने बरेलवी उलमा सुन्नी विचारधारा को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि जंग जब अपनों से हो तो हार जाना ही बेहतर है। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि पाकिस्तान के झंडे से मिलते-जुलते इंडे न लगाएं। सौहार्द के साथ देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा कि बरेली से दीन और सुन्नियत का नाता आला हजरत के दादा मुफ्ती रजा अली खान के वक्त से जारी है। मसलक-ए-आला हजरत जिंदा हकीकत का नाम है। अहले सुन्नत का पैगाम मोहब्बत है, उसे आम करो। बरेलवी उलमा सुन्नी विचारधारा को मजबूत करें।




Do not display flags resembling the Pakistani flag on Milad-un-Nabi Ulema appeal to Muslims during Urs

उर्स स्थल पर जायरीनों की भीड़
– फोटो : अमर उजाला


तालीम पर दिया जोर 

मुफ्ती इमरान हनफी, अल्लामा तौसीफ रजा मिस्बाही व मौलाना साजिद रजा ने शिक्षा की कमी को मुसलमानों के पिछड़ेपन की वजह बताया। तालीम पर जोर दिया। मुफ्ती जिलानी ने कहा कि आज मस्जिदों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। हमारे एक उलमा चार साल से और आला हजरत का शहजादा एक साल से जेल में बंद हैं और लोग अब भी संजीदा नहीं हैं। मौलाना फारूक नक्शबंदी, कारी इकबाल मुरादाबादी, मौलाना जाहिद रजा, जिक्रुल्लाह, मुफ्ती अय्यूब खान, मौलाना मुख्तार बहेड़वी ने भी खिताब किया।


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उर्स स्थल पर दुआ करते जायरीन
– फोटो : अमर उजाला


मुफ्ती सलीम नूरी ने की ये अपील 

मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने कहा कि जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी करीब है। मुसलमान अपने घरों पर इस्लामी झंडे लगाएंगे। कई बार इस्लामी झंडे को गलतफहमी में पाकिस्तानी झंडा समझ लिया जाता है। पिछले साल कुछ लोगों पर मुकदमे भी हुए। इसलिए जरूरी नहीं कि हरा झंडा ही लगाया जाए। सफेद, काला या सुनहरा झंडा भी लगा सकते हैं। पाकिस्तान के झंडे से मिलते-जुलते झंडे लगाने से बचें। चुनावी माहौल है। सियासी पार्टियों से होशियार रहते हुए आपसी सौहार्द के साथ अपने देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करें।


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उर्स स्थल पर जायरीनों की भीड़
– फोटो : अमर उजाला


ये लोग रहे मौजूद 

यह कार्यक्रम दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की सरपरस्ती, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी की सदारत और सैयद आसिफ मियां की निगरानी में हुआ। इस दौरान खानकाह तहसीनिया के सज्जादानशीन मौलाना हस्सान रजा खान, अहसान रजा, शीरान रजा खान, मोअज्जम रजा खान, जुबैर रजा खान, सय्यद मुस्तफा मियां, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफिज नूर अहमद अजहरी, दरगाह शाहदाना वली के प्रबंधक अब्दुल वाजिद नूरी मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि उर्स मुकम्मल होने पर सज्जादानशीन अहसन मियां व सैयद आसिफ मियां ने पुलिस-प्रशासन, रेलवे, नगर निगम, नागरिक सुरक्षा संगठन, सभी लंगर व सबील कमेटियों, रजाकारों, टीटीएस वालंटियर्स, रजा फोर्स का शुक्रिया अदा किया। 


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उर्स में खरीदारी करते जायरीन
– फोटो : अमर उजाला


जगह-जगह जल सेवा, भोजन भी वितरित

जायरीन की खिदमत में बजरंग ट्रांसपोर्ट पर जल सेवा की गई। इस दौरान राहगीरों, वाहन चालकों और आम लोगों को भी शीतल जल पिलाकर राहत पहुंचाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद हरिशंकर लोधी, अमित अग्रवाल, अतुल अग्रवाल, प्रदीप खंडेलवाल, ओम प्रकाश का सहयोग रहा। अय्यूब खां चौराहे पर भी स्थानीय नागरिकों ने शीतल पेय और भोजन वितरित किए।




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