संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी

Updated Sun, 17 Nov 2024 12:48 AM IST

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District hospital appears alert on Jhansi incident, tested arrangements



अमेठी सिटी। झांसी की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में शनिवार को सतर्कता दिखी। जिम्मेदारों ने जिला अस्पताल में आग से निपटने के इंतजाम परखे। अग्निशमन यंत्रों की जांच की। फॉगर के साथ ही सेंसर की भी जांच की। इस दौरान एक फायर सिलिंडर एक्सपायर मिला। अन्य उपकरण व संसाधन सही मिले।

गौरीगंज के असैदापुर स्थित 100 बेड के जिला अस्पताल में इमरजेंसी के साथ ही बच्चों के लिए आधुनिक सुविधा से लैश एसएनसीयू वार्ड बनाया गया है। यहां जांच में अधिकतर फायर सिलिंडर अप्रैल 2024 में रिफिल कराए गए थे। लंबी दूरी तक आग बुझाने के लिए जगह-जगह पॉइंट भी बनाए गए हैं। आपात स्थिति में लोगों को अस्पताल से निकालने के लिए रैंप व सीढ़ी बनाई गई है। हालांकि वक्त आने पर यह संसाधन कितने काम आते हैं, यह तभी पता चलेगा।

सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में आपात स्थित से निपटने के लिए समुचित प्रबंधन हैं। अग्निशमन यंत्र क्रियाशील हैं। अलार्म की भी समय-समय पर जांच कराई जाती है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर आग परीक्षण भी होता है। बचाव के लिए अभ्यास भी होता है।

डॉक्टरों को भी दिलाया आग नियंत्रण का प्रशिक्षण

जिला अस्पताल में डॉ. अभय गोयल को आग नियंत्रण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। इसके अलावा कई अन्य कर्मी भी आग बुझाने का प्रशिक्षण ले चुके हैं। एसएनसीयू में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उल्ल-जमा, डॉ. श्रवण कुमार व डॉ. राम विलास के साथ प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ बच्चों के उपचार में लगाए जाते हैं।



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