बढ़पुरा के पारपट्टी क्षेत्र में तेंदुओं ने एक बार फिर से दो बकरियों पर हमला कर उन्हें मार दिया। तेंदुए की क्षेत्र में लगातार चहलकदमी से ग्रामीणों और पशु पालकों में दहशत का माहौल है। तीन दिन पहले उदी से दो किलोमीटर दूर ग्राम गाती में भी तेंदुए को जोड़ा दिखाई दिया था। एक बार फिर बकरियों को मारने की घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
ग्राम उदी निवासी पशुपालक नाथूराम रविवार शाम घर के नजदीक बीहड़ में स्थित हनुमान मंदिर के पास बकरियों को चरा राहा था। इसी दौरान बकरियों के झुंड से चकरनगरी नस्ल की दो बकरियां गायब हो गईं। पशुपालक नाथूराम का दावा है कि जब उसने बकरियों की तलाश की तो पास ही झाड़ियों से तेंदुआ निकलकर बीहड़ की ओर भागा और मौके पर एक बकरी पड़ी मिली जबकि दूसरे का पता नहीं चला। नाथूराम ने ग्रामीणों को सूचना देकर दोबारा तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद बीहड़ के अंदर दूसरी बकरी के अवशेष मिले। पशुपालक के अनुसार दोनों बकरियां चकरनगरी नस्ल की थीं और प्रत्येक की कीमत करीब 20 हजार रुपये थी।
सूचना पर पहुंचे सेंचुरी के वन दरोगा ओपी सिंह ने बीहड़ में तेंदुओं की चहलकदमी की पुष्टी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोग जंगल की ओर जाने से बचें और अकेले बिल्कुल न जाएं। पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय बाड़े में सुरक्षित रखें। घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें और तेंदुए अथवा किसी अन्य जंगली जानवर की मौजूदगी की जानकारी विभाग को दें।