इटावा। ब्लॉक बढ़पुरा क्षेत्र के राजपुरा गांव में डेंगू ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों समेत कुल चार लोगों में एलाइजा जांच से डेंगू की पुष्टि हुई है। लगातार बुखार आने पर जिला अस्पताल में जांच हुई। रैपिड किट में संदिग्ध पाए जाने के बाद एलाइजा टेस्ट में सभी पॉजिटिव मिले। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में बच्चों का उपचार शुरू कर दिया गया है।

राजपुरा निवासी उपेंद्र सिंह की पुत्री राधा (15) को कई हफ्ते से तेज बुखार था। उसकी छोटी बेटी श्रृष्टि (5) व पुत्र नित्यांश (4) भी बुखार की चपेट में आ गए। उपेंद्र ने सभी को जिला अस्पताल में दिखाया, जहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। उनके पड़ोस में रहने वाले कुल्लू भी बुखार से पीड़ित मिले। डॉक्टरों ने भर्ती की सलाह दी, पर परिजनों ने घर पर इलाज कराने को कहा। अब उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी बढ़पुरा को रिपोर्ट भेजी, जहां टीम ने अन्य लोगों की जांच की जो निगेटिव आई। सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला ने एलाइजा एनएस-1 जांच में चार लोगों में डेंगू की पुष्टि की है।

गांव में डेंगू के मामले सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय प्रशासन पर फूटा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सफाई नहीं हुई है। नालियां चोक हैं और रास्तों पर गंदा पानी जमा है। गंदगी और जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कई बार सफाई की गुहार लगाई, पर जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। पीड़ित मरीजों का विशेष निगरानी में उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग की है।

एलाइजा की एनएस-1 जांच में चार लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें उदी क्षेत्र के एक ही परिवार के तीन बच्चे शामिल हैं। विभाग की ओर से गांव में दवा का छिड़काव कर ग्रामीणों को सफाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बच्चों की हालत में सुधार है। -डॉ. एसएन सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।



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