फोटो 22: गढ़ाकासदा में बालिका की मौत के बाद रोते-बिखलते परिजन। संवाद
फोटो 23 : गढ़ाकासदा में बीमार अनामिका को कपड़े पहनाती बहन। संवाद
फोटो 29: बीमार बच्चों को पुलिस जीप से ले जाते परिजन। संवाद
= एंबुलेंस न आने पर बच्चों को पुलिस जीप से जिला अस्पताल किया गया रेफर
= 16 दिन में चार बच्चों की मौत के बाद बीमारी तलाश नहीं कर पाया स्वास्थ्य विभाग
= एडीएम, सीएमओ, डीएमओ समेत स्वास्थ्य व सर्विलांस टीम ने गांव पहुंचकर लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चकरनगर (इटावा)। गढ़ाकासदा गांव में वायरल बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को 11 वर्षीय बालिका की ग्वालियर ले जाते समय मौत हो गई, जबकि उसकी छह वर्षीय छोटी बहन व दो चचेरे भाई-बहनों को गंभीर हालत में शाम जिला अस्पताल पुलिस जीप से रेफर कर दिया गया। 16 दिनों दिनों में लगातार चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग गांव में डेरा डाले हुए हुए हैं। बीमार मरीजों की लगातार जांचें की जा रही है, लेकिन विभाग अभी तक बीमारी नहीं तलाश कर पाया है। वहीं, बच्चों की लगातार मौत व गांव में करीब 22 बच्चों के बीमार होने से परिजनाें समेत ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
शनिवार सुबह मुकेश सिंह ने बताया कि बेटी साक्षी (11) को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेटी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर किया था। वह सांस लेने में भी असमर्थ थी। इसके बाद सैफई अस्पताल में उसका इलाज कराया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने उसकी बुखार से एक किडनी खराब होने की बात बताई गई है। परिजन शाम को उसे ग्वालियर के निजी अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में परिजनों ने इटावा के एक निजी डॉक्टर को दिखाया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्होंने भी मना कर दिया। इसके बाद परिजन साक्षी को ग्वालियर के लिए रवाना हुए, लेकिन नुमाइश चौराहे के पास साक्षी ने दम तोड़ दिया।
वहीं, शाम साक्षी की छोटी बहन अनामिका (6) व चचेरे भाई सुनीता (16) व पुष्पेंद्र सिंह (20) पुत्र रामकिशोर की हालत बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें सीएचसी पर ले जाया गया। यहां गंभीर हालत देख डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस को फोन किया गया लेकिन उसके आने पर देरी होने पर तीनों को पुलिस जीप से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। गांव में बुखार से चौथी बालिका की मौत के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग और पंचायत विभाग के प्रति नाराजगी है। गांव में लगातार मौतों के बाद ग्रामीण बीमारी की वास्तविक वजह सामने लाने और गांव में प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
वहीं, गढ़ाकासदा में चौथी बालिका की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। सीएमओ डॉ. बीके सिंह, एडीएम विपिन कुमार, डीएमओ डॉ. एसएन सिंह, सीएचसी राजपुर व स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम मौजूद रहीं। अफसरों ने ग्रामीणों से बातचीत कर 45 मरीजों के सीबीसी समेत मलेरिया व डेंगू की किट से जांच की। इस दौरान सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। बता दें कि इससे पहले गांव में भारत सिंह निषाद के पुत्र किशन (7), महेंद्र सिंह के पुत्र सतेंद्र (13) व मुकेश कठेरिया की पुत्री गुनगुन (12) की वायरल बुखार से मौत हो चुकी है।
122 लोगों की हो चुकी जांच, किसी को नहीं निकला मलेरिया-डेंगू
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि गढ़ाकासदा में स्वास्थ्य टीम बीमार मरीजों की लगातार जांच करवा कर रही है। अभी तक 122 लोगों की सीबीसी समेत मलेरिया व डेंगू की किट से जांच हो चुकी है। इसमें सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिन बच्चों की मौत हुई है, उनका स्थायी रूप से इलाज नहीं हुआ है। सभी बुखार से पीड़ित थे। लगातार बुखार आने पर उनकी प्लेट्स कम होने व खून की कमी की शिकायत आई थी।
वर्जन
डॉक्टरों की टीम से जांच कराई जा रही है। लगातार टीमें जा रही हैं। जिन बच्चों की तबियत खराब है, उन्हें जिला अस्पताल और आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती कराया जा रहा है। विशेषज्ञों से चर्चा की जा रही है। – शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीएम
वर्जन
बीमार मरीजों की लगातार जांच कर निगरानी रखी जा रही है। इसमें किसी को मलेरिया व डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस व रिस्पांस टीम भी गांव में फैले वायरल बुखार पर नजर रख रही है। -डॉ. बलराम सिंह, डिप्टी सीएमओ व जिला सर्विलांस टीम प्रभारी।
