उरई। जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, लेकिन अस्पतालों में इनका असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा है। जिला अस्पताल में फीवर हेल्प डेस्क शुरू कर दी गई है और संभावित मरीजों के सैंपल जांच के लिए सैफई भेजे जा रहे हैं, लेकिन अस्पताल की ओपीडी, पर्चा और दवा काउंटर पर उमड़ रही भीड़ में न तो मरीज मास्क पहने नजर आए और न ही अधिकांश चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी। वहीं कालपी, जालौन और सिरसा कलार के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है।
शुक्रवार को जन्माष्टमी के चलते हाफ डे ओपीडी होने के बाद शनिवार को जिला अस्पताल में 1425 मरीज पहुंचे। इनमें 36 मरीजों की फीवर हेल्प डेस्क पर जांच की गई, जबकि 298 मरीजों की पैथोलॉजी जांच हुई। अब तक जिले से स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण वाले आठ मरीजों के सैंपल जांच के लिए सैफई भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई पुष्ट केस नहीं मिला है।
जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने और दवा लेने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। डॉक्टरों के कक्षों के बाहर भी भीड़ रही। इसके बावजूद संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल लगभग नदारद रहा। अस्पताल में फीवर हेल्प डेस्क तो शुरू हो गई है, लेकिन मरीजों की भीड़ के बीच सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क को लेकर कोई खास व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
वार्ड तैयार, जांच की सुविधा नहीं
कालपी। सीएचसी में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए छह बेड का अलग वार्ड तैयार कर दिया गया है। दवाएं भी पर्याप्त होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार बर्दिया ने बताया कि अभी तक कोई स्वाइन फ्लू मरीज नहीं आया है। संभावित मरीज मिलने पर उसका उपचार किया जाएगा।
बुखार के मरीज पांच गुना बढ़े, अलग वार्ड तैयार
माधौगढ़। लगातार बारिश और मौसम में बदलाव के बीच सीएचसी में बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष राजपूत के मुताबिक पहले प्रतिदिन 20 से 25 मरीज बुखार की शिकायत लेकर आते थे, अब संख्या 100 से 120 तक पहुंच गई है।
संभावित स्वाइन फ्लू मरीजों की प्राथमिक जांच के लिए फीवर डेस्क बनाई गई है। खांसी, जुकाम और तेज बुखार जैसे लक्षण मिलने पर सैंपल लेकर उरई भेजे जा रहे हैं। संभावित मरीजों के लिए अलग वार्ड भी तैयार किया गया है।
ऑक्सीजन-दवा पर्याप्त, जांच का इंतजाम नहीं
जालौन। सीएचसी में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता का दावा है, लेकिन बीमारी की जांच की सुविधा नहीं है। सीएचसी प्रभारी डॉ. केडी गुप्ता ने बताया कि अभी तक स्वाइन फ्लू के लक्षण वाला कोई मरीज नहीं आया है। दवाएं उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन सिलिंडर भी पर्याप्त हैं।
दवाओं के भरोसे स्वाइन फ्लू से मुकाबले की तैयारी
सिरसा कलार। पीएचसी में स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए दवाओं के अलावा कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह ने बताया कि दवाएं उपलब्ध हैं और लक्षण दिखाई देने पर मरीजों को चिकित्सकीय सलाह लेने के साथ साफ-सफाई रखने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक अर्पित कुमार कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बारिश के मौसम में जुकाम-खांसी के मरीज बढ़े हैं। शनिवार को 50 से अधिक मरीज जुकाम और खांसी की शिकायत लेकर पहुंचे।
वर्जन
सभी सीएचसी व पीएचसी पर वीटीएम उपलब्ध करा दी गई हैं और दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में हैं। अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू का कोई केस नहीं मिला है। खांसी और बुखार के लक्षण वाले आठ मरीजों के सैंपल सैफई भेजे गए हैं।
डॉ. उमेश कुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी

फोटो-21-फीवर हेल्प डेस्क पर बच्चे की जांच करतीं कर्मचारी। संवाद

फोटो-21-फीवर हेल्प डेस्क पर बच्चे की जांच करतीं कर्मचारी। संवाद

फोटो-21-फीवर हेल्प डेस्क पर बच्चे की जांच करतीं कर्मचारी। संवाद
