कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई, इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी थी हालत
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बसरेहर सीएचसी में करीब साढ़े आठ माह की गर्भवती की मौत के मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सचान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। महिला के पति ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बसरेहर थाना क्षेत्र के बिहारीपुरा निवासी विपिन कुमार के अनुसार वह आठ जून की सुबह करीब 10:46 बजे अपनी साढ़े आठ माह की गर्भवती पत्नी राधना को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा था। आरोप है कि सीएचसी में स्टाफ ने डॉक्टर की ओर से बाहर से दवा और इंजेक्शन मंगाने की बात कही। विपिन के मुताबिक दवा और इंजेक्शन बाहर से लाने के बाद नर्स मोनिका के बताए अनुसार राधना को इंजेक्शन लगाया गया।
इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद राधना की हालत बिगड़ने लगी। उसे बेचैनी और ऐंठन होने लगी तथा आंखें लाल हो गईं। हालत गंभीर होने पर सीएचसी से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां डॉक्टर ने राधना को मृत घोषित कर दिया। गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो गई। घटना के बाद महिला के पति विपिन कुमार ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के आदेश के बाद बसरेहर पुलिस ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकास सचान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थाना अध्यक्ष बलराज भाटी ने बताया कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
