इटावा। जिले में 2.96 करोड़ रुपये से पांच आयुर्वेदिक अस्पताल बनवाए जाएंगे। इसमें एक 50 शैया समेत चार-चार बेड के चार आयुर्वेदिक अस्पताल होंगे। पहले चरण में 1.96 करोड़ की लागत से चार बेड वाले अस्पतालों का निर्माण होगा। अभी तक आयुर्वेदिक अस्पताल निजी भवनों में संचालित हो रहे थे।

जिले में आयुर्वेदिक अस्पताल पिछले कई दशक से किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। कई बार इन अस्पतालों को खुद का भवन दिलाने के प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिली। एक माह पहले शासन ने आयुर्वेदिक अस्पतालों के लिए भूमि खोजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विकास, राजस्व विभाग ने ब्लॉक उदी के कामेत में 50 शैया राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए एक एकड़ भूमि देखी है। इसके निर्माण में करीब एक करोड़ की लागत आएगी।

इसके अलावा सदर ब्लॉक के सराय ऐसर, जसवंतनगर के पीयरपुर, बलकटी व नागरी में चार-चार बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनेगा। एक अस्पताल के निर्माण में 49 लाख के हिसाब से 1.96 करोड़ का बजट खर्च होगा। भूमि चिह्नित कर भवन निर्माण के लिए फाइल प्रशासन को सौंप दी गई है। चार बेड के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में चार लोगों का स्टाफ होगा, जिनमें एक चिकित्साधिकारी, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड बॉय और एक सफाई कर्मी होगा। इन अस्पतालों में सामान्य रोगियों को दवा देने के साथ ही गंभीर रोगियों को भर्ती कर उपचार किया जाएगा।

अभी किराये के भवनों में संचालित अस्पतालों में कहीं एक कमरा है तो कहीं दो। यहां पर्याप्त दवाएं भी नहीं रखी जा सकती हैं। कर्मचारियों को दवा लेने के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती है। खुद का भवन मिलने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी। मरीजों को भी दवा के लिए बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

शहर के 25 शैया राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन काफी जर्जर हो चुका है। मरीज यहां भर्ती होने से डरते हैं। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी ने इस भवन के जीर्णोद्धार के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

वर्जन

जिले में पांच राजकीय आयुर्वेदिक अस्पतालों के निर्माण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ब्लॉक उदी के कामेत में एक एकड़ भूमि देखी गई है। जल्द ही इसको चिह्नित कर लिया जाएगा। बजट मिलने पर निर्माण शुरू होगा। -डॉ. सर्वेश कुमार, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *