इटावा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों की लखनऊ में आज से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले दिन स्वास्थ्य सेवाओं पर असर देखने को मिला। हड़ताल की वजह से जिला अस्पताल में कई डॉक्टर व कर्मी गायब रहे। इसकी वजह से दो दिन बाद अस्पताल खुलने के बाद इलाज कराने पहुंचे मरीजों को परेशानी हुई। हालांकि, सीएमएस ने हालत बिगड़ते देख ओपीडी में सर्जन व माइक्रोलॉजिस्ट की ड्यूटी लगाकर मरीजों को दिखवाया।

फोटो 24: नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेशांस सिंह की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद

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बाहर भटकते रहे मरीज

सोमवार सुबह 10 बजकर 37 मिनट पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेशांस सिंह की कुर्सी खाली पड़ी थी। कक्ष में उनकी सहायक स्टाफ नर्स मौजूद थी। पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें डॉक्टर की जानकारी नहीं है। बाहर उनके बोर्ड पर अवकाश पर रहने की सूचना अंकित थी। इस दौरान दूर-दूर से आंख के आने वाले मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा था। कई लोग इंतजार के बाद वापस लौट गए।

फोटो 25: फिजीशियन कक्ष में मरीजों को देखते माइक्रोलॉजिस्ट डॉ. नितिन कुमार। संवाद

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फिजीशियन रहे नदारद

कक्षा संख्या में 50 में फिजीशियन डॉ. सौरभ यादव की ड्यूटी रहती है। संविदा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से वह ड्यूटी से गायब रहे। इस दौरान आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा था। इस दौरान यह माइक्रोलॉजिस्ट डॉ. नितिन कुमार की कक्ष में ड्यूटी लगाई गई। उन्होंने मरीजों की समस्या सुनकर उन्हें दवाएं लिखीं।

फोटो 26: मेडिसिन विभाग में मरीजों को देखते सर्जन डॉ. अनूप शर्मा। संवाद

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सर्जन ने संभाला मोर्चा

मेडिसिन विभाग में डॉ. शांतुन निगम व डॉ. जेपी चौधरी की ड्यूटी रहती है। एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सोमवार को मरीजाें की अधिक भीड़ होने की वजह से सीएमएस ने यहां सर्जन डॉ. अनूप शर्मा की ड्यूटी लगा दी थी। उन्होंने मरीजों की समस्याएं सुनकर उनका उपचार किया।

फोटो 27: अस्पताल में इधर-उधर भटकती महिलाएं। संवाद

480 संविदाकर्मी तैनात

जिले में 480 संविदा कर्मचारी जिला अस्पताल समेत सीएचसी-पीएचसी व आरोग्य मंदिर पर तैनात है। सोमवार को कर्मचारियों के लखनऊ में होने वाले अनिश्चतकालीन हड़ताल की वजह से कर्मचारी वहां रवाना हो गए थे। इसकी वजह से महिलाओं की जांच, टीकाकरण अभियान व आयुष्मान कार्ड बनाने का काम प्रभावित हुआ। इसकी वजह से मरीजों को परेशानी हुई।

एक ही खिड़की से लिए गए पर्चे

दो दिन की छुट्टी के बाद मरीजों की अधिक भीड़ रही। इसकी वजह से जांच काउंटर पर मरीजों की भीड़ लग गई। यहां स्थायी कर्मचारियों को लगाकर पर्चे लिए गए। इस दौरान महिला व पुरुष के दो काउंटर नहीं चल सके। एक ही काउंटर शुरू होने से मरीजों की लंबी लाइन लग गई।

मरीजों ने बताई परेशानी

फोटो 28: सुखवीर सिंह

आंखों की नहीं हो सकी जांच

चकरनगर निवासी सुखवीर सिंह ने बताया कि उसके आंखों में दिक्कत हो रही थी। वह सुबह ही जिला अस्पताल आ गया था। बताया कि यहां घंटों लाइन में लगने के बाद पर्चा बन सका। डॉक्टर कक्ष के बाहर पहुंचने पर पता चला कि वह अवकाश पर है। इसकी वजह से लौटना पड़ रहा है।

फोटो 29: शिवम कुमार

दो घंटे में नहीं हो सकी जांच

गुलाबपुरा निवासी शिवम कुमार ने बताया वह सुबह नौ बजे अस्पताल आ गए थे। 11 बजे गए है। पहले पर्चे के लिए लाइन में लगे रहे, अब खून की जांच के लिए लाइन में लगे हैं। लंबी लाइन होने की वजह से अभी तक जांच नहीं हो सकी है।

वर्जन—–

संविदा कर्मचारियों की अनिश्चतकालीन हड़ताल की पहले से जानकारी थी। इसकी वजह से अन्य ओपीडी में तैनात स्थायी डॉक्टरों के अवकाश होने वाले स्थान पर ड्यूटी लगाई गई थी। इसकी वजह से ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। अगर डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार को जारी रही तो यह व्यवस्था आगे भी लागू रहेगी। -डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष अस्पताल।



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