संशोधित फोटो: 49 किशनपुर में ग्रामीणों से बातचीत करते एसडीएम व यूपीडा के अधिकारी। स्रोत ग्रामीण
750 एकड़ जमीन की दरकार, बुधवार को पहुंची यूपीडा की टीम
किसानों ने जताया विरोध, बोले-जमीन गई तो कुछ नहीं बचेगा
गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे भी कुदरैल में जुड़ेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ताखा। ताखा का कुदरैल क्षेत्र एक्सप्रेसवे के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां आगरा-लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पहले से जुड़े हैं। अब गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे भी कुदरैल में जुड़ेगा।
इससे ताखा क्षेत्र में एक ही स्थान पर तीन एक्सप्रेसवे का संगम होगा। यह संगम क्षेत्र के जुड़ाव को और अधिक मजबूत करेगा। सरकार इसी को देखते हुए क्षेत्र में कॉरीडोर और औद्योगिक गलियारा विकसित करने पर विचार कर रही है। ताखा के ककराही क्षेत्र में एक कॉरीडोर के लिए जमीन पहले ही खरीदी जा चुकी है।
अब इसी के आसपास एक और बड़े कॉरीडोर के लिए लगभग 750 एकड़ जमीन देखी जा रही है। बुधवार को यूपीडा के भू-अर्जन अधिकारी नागेंद्र शर्मा ताखा पहुंचे। उन्होंने कायमपुरा और किशनपुरा के आसपास कई स्थानों पर जमीन का निरीक्षण किया। एसडीएम ताखा विजय प्रकाश मिश्रा और तहसीलदार हरिलाल चौधरी भी मौजूद थे। राजस्व विभाग की टीम भी निरीक्षण में शामिल रही।
जमीन के निरीक्षण की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान मौके पर पहुंच गए। टीटू यादव, रामवीर सिंह, हाकिम सिंह समेत किसानों ने जमीन देने पर असहमति जताई। किसानों का कहना था कि उनकी जमीन बेहद उपजाऊ है। इसी जमीन से उनके परिवार का जीवन-यापन होता है। जमीन चली गई तो उनके पास खेती के लिए कुछ नहीं बचेगा।
बोले एसडीएम-किसानों में भ्रम की स्थिति
एसडीएम विजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि किसानों में फिलहाल भ्रम की स्थिति है। उन्हें तहसील पहुंचकर पूरी जानकारी लेने के लिए कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी जमीन अधिग्रहण के लिए कोई नया आदेश नहीं है। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए यूपीडा अधिकारी को ताखा में जमीन दिखाई गई है। अभी किसी स्थान का चयन नहीं हुआ है, अन्य स्थानों पर भी जमीन देखी गई है। यदि दूसरे कॉरीडोर के लिए प्रस्ताव मांगा जाता है, तो यूपीडा इन स्थानों में से चयन कर सकती है।
