इटावा। शहर में जलभराव से निजात दिलाने के लिए हो रहे नालों के निर्माण में बिजली के ट्रांसफार्मर और तार रोड़ा बने हैं। नगर पालिका ने ट्रांसफार्मर और बिजली लाइन शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम में लाखों रुपये भी जमा करा दिए, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। नालों का निर्माण अधूरा होने से लोगों को जलभराव का दंश झेलना पड़ रहा है।
नगर पालिका की ओर से शहर में अलग-अलग स्थानों पर नालाें का निर्माण कराया जा रहा है। रामलीला रोड पर निर्माण के रास्ते में बिजली निगम के ट्रांसफार्मर और लाइनें आ रही हैं। इन्हें हटाकर दूसरी जगह स्थापित कराने के लिए बिजली निगम से पत्राचार किया गया था। स्थलीय निरीक्षण के बाद निगम ने ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट करने के लिए 6,54,188 रुपये का इस्टीमेट तैयार किया। 10 हजार रुपये प्रक्रिया शुल्क जोड़कर नगर पालिका से कुल 6,64,188 रुपये जमा कराने के लिए कहा गया।
नगर पालिका की ओर से निर्धारित रकम करीब एक माह पहले ही बिजली निगम के खाते में जमा करा दी गई। बावजूद मौके पर ट्रांसफार्मर और तार जस के तस हैं। नतीजा यह है कि नाला निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। बारिश के दौरान रामलीला रोड और आसपास के इलाकों में जलभराव हो रहा है। पानी सड़क पर भरने से राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
टिक्सी तिराहे पर नगर पालिका की ओर से स्वागत द्वार बनाया जा रहा है। निर्माण के रास्ते में 11 केवी की बिजली लाइन आ रही है, इसे शिफ्ट कराने के लिए बिजली निगम के एक्सईएन कार्यालय से नगर पालिका को पत्र भेजा गया था। स्थलीय निरीक्षण के बाद 10 हजार रुपये प्रक्रिया शुल्क समेत कुल 13,87,499 रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। नगर पालिका ने रकम को भी निगम के खाते में जमा करा दिया, लेकिन काम समय पर नहीं हो सका।
वर्जन
नगर पालिका की ओर से बिजली निगम को एक माह पहले ही धनराशि दे दी गई थी। बावजूद अब तक दो स्थानों से ट्रांसफार्मर और बिजली के तार नहीं हटाए गए हैं। नाला निर्माण न हो पाने से बारिश में जलभराव की समस्या हो रही है। बिजली निगम से दोबारा पत्राचार किया जाएगा। -संतोष कुमार मिश्र, ईओ
वर्जन
बिजली के तार और ट्रांसफार्मर को धनराशि मिलने के बाद भी क्यों नहीं हटाया गया, इसकी जानकारी करेंगे। अगर बिजली निगम के इस्टीमेट के मुताबिक धनराशि जमा कर दी गई होगी तो तात्कालिक रूप से काम शुरू करवाया जाएगा। – सुमित कुमार, एसडीओ, द्वितीय
