इटावा। गार्ड की हत्या के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने गार्ड की नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अभिरक्षा में नाबालिग बेटी ने बताया कि उसने पिता की गलत हरकतों और उसके प्रति गलत नीयत रखने से परेशान होकर बट्टा सिर में मारकर हत्या कर दी। कहा कि उसे इस बात का कोई अफसोस नहीं है। वह पिता के साथ रहना ही नहीं चाहती थी।

एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन सभागार में घटना में खुलासा करते हुए बताया कि गार्ड कॉलोनी में अपनी नाबालिग बेटी के साथ रहते थे। वह एक एजेंसी के माध्यम से एक होटल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। रविवार दोपहर मकान से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने ताला तोड़कर तलाशी ली तो बक्से में कंबल से लिपटा शव मिला था। बक्से में खून के निशान भी मिले थे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए थे।

एसएसपी ने बताया कि जांच में पता चला कि बेटी ने अपने प्रेमी अभिलाष सिंह उर्फ छोटू उर्फ माचो के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। 21 अक्तूबर की रात चाय में नींद की 10 गोलियां देकर पिता को सुलाया, फिर साड़ी से हाथ-पैर बांधकर गला घोंटा और सिल-बट्टे से प्रहार करके हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को पॉलिथीन और कंबल में लपेटकर बक्से में छिपा दिया था।

पुलिस ने दोनों को रविवार रात को सराय ऐसर के पास से पकड़ा है। नाबालिग को कोर्ट में पेश करने के बाद बाल सुधार गृह और आरोपी प्रेमी को जेल भेज दिया गया है। गार्ड के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद यमुना घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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पांच महीने पहले बड़ी बहन के जेठ के दोस्त से शुरू हुआ था प्रेम प्रसंग

एसएसपी ने बताया जांच के दौरान गार्ड की बेटी के लापता होने पर पुलिस का शक गहराया था। मृतक के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगालने पर अभिलाष सिंह से बातचीत की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि अभिलाष बकेवर थाना क्षेत्र के अहेरीपुर के मातनटोला का रहने वाला है और गार्ड की बड़ी बेटी के जेठ का दोस्त है। करीब पांच महीने पहले जेठ ने मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए किशोरी का नंबर अभिलाष को दिया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और प्रेम प्रसंग हो गया। अभिलाष का गार्ड के घर भी आना-जाना था। करीब एक महीने पहले गार्ड ने बेटी को मोबाइल पर अभिलाष से बात करते पकड़ लिया था। उन्होंने बेटी से फोन छीनकर उसे डांटा और पीटा। अभिलाष को भी घर बुलाकर दूसरी जाति का होने के कारण उससे बेटी की शादी करने से साफ इन्कार कर दिया था। पुलिस का कहना है कि इसी बात से नाराज होकर किशोरी ने प्रेमी के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची।

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शव को फ्रिज में रखकर भागने की फिराक में थे

पुलिस पूछताछ में किशोरी ने बताया कि 21 अक्तूबर की रात उसने चाय में नींद की 10 गोलियां मिलाकर पिता को दीं थी। उनके सो जाने के बाद उसने और अभिलाष ने मिलकर उनके हाथ-पैर चारपाई से साड़ी के सहारे बांध दिए। इसके बाद चाकू से गर्दन काटने की कोशिश की, लेकिन चाकू में धार नहीं थी। आरोप है कि इसके बाद गमछे से गला घोंट दिया और बेटी ने पहले सिलबट्टे से प्रहार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने शव को कंबल में लपेटकर बक्से में छिपा दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया शव को फ्रिज में रखने की कोशिश भी की गई थी। साक्ष्य मिटाने के लिए किशोरी ने वह मोबाइल नाले में फेंक दिया, जिससे वह प्रेमी से बातचीत करती थी।

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हत्या के बाद प्रेमी के घर पहुंची किशोरी

अभिलाष ने पूछताछ में बताया कि वह अहेरीपुर में गिट्टी-मौरंग ट्रैक्टरों में भरने का काम करता है। परिवार में वह इकलौता बेटा है और उसकी दो छोटी बहनें हैं। उसके पिता मूंगफली बेचते हैं, जबकि मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। हत्या के बाद भागते समय किशोरी एक जोड़ी कपड़ों में उसके घर पहुंची थी। वहां उसे मां की साड़ी पहनाई गई थी।

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तलाक के बाद दूसरी महिला के साथ रहने लगे थे गार्ड

गार्ड के बड़े भाई ने बताया कि तीन भाइयों में गार्ड सबसे छोटे थे। करीब 16 साल पहले दोनों भाइयों को कॉलोनी में आवास मिला था। गार्ड और उनकी पत्नी का करीब 10 साल पहले तलाक हो गया था। पत्नी दूसरी शादी के बाद दूसरे पति की बेटी साथ रहती हैं। गार्ड की बड़ी बेटी और आरोपी बेटी उनके साथ रहती थीं। गार्ड दूसरे समुदाय की महिला के साथ भी रहते थे। वह करीब तीन साल पहले उन्हें छोड़कर भिंड चली गई थी।

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बट्टे से सिर पर प्रहार बना गार्ड की मौत का कारण

इटावा। सिक्योरिटी गार्ड की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और चेहरे पर चोट के चार निशान मिले हैं। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बट्टे के प्रहार से सिर पर आई चोट मौत का कारण बना। बेटी ने 21 अक्तूबर की रात उसे चाय में नींद की 10 गोलियां मिलाकर दी थीं। हमला होने पर वह विरोध भी नहीं कर सका। (संवाद)



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