राजधानी लखनऊ में सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में गोलीबारी में मारे गए तीनों लोगों के शव पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपे गए। शव घर पहुंचे तो परिजन बिलख उठे। हर आंख नम दिखी। इस वारदात में शिवाजी तिवारी, शंभू तिवारी और सुयश तिवारी की मौत हुई है।
जानकारी के मुताबिक, शिवाजी और सुयश को दो-दो गोलियां लगी हैं। शिवाजी तिवारी के सिर और सीने में गोली लगी। वहीं, सुयश तिवारी के सिर और पेट में गोली लगने की बात सामने आई है। शंभू तिवारी को भी दो गोलियां मारी गई हैं। एक सिर और दूसरी एब्डोमेन में।
घटना के बाद इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। शव परिजनों को सौंपे जाने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जानें पूरा मामला
ब्राह्मणी टोला में पार्किंग के विवाद में सोमवार को शिवाजी तिवारी (60), उनके भाई शंभू तिवारी (55) और बेटे सुयश तिवारी (30) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पड़ोस में रहने वाले 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला ने परिवार के लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी और उसकी तीन बहनों को गिरफ्तार कर ऋषभ के पास से अवैध पिस्टल और चार खोखे बरामद किए। दोनों पक्षों में बरगद के पेड़ का चबूतरा बनाने को लेकर भी लंबे समय से विवाद है।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक बरगद के पेड़ के पास खाली पड़ी जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर सुबह 10:30 बजे दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इसी दौरान पड़ोसी दिनेश शुक्ला के बेटे ऋषभ ने अवैध पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से शिवाजी, शंभू और सुयश गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस तीनों को केजीएमयू लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शंभू की पत्नी रुचि तिवारी की तहरीर पर आरोपी ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा राजेश शुक्ला, गिरीश शुक्ला और बहन प्रीति, अदिति व दिव्या के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
