सैफई। आयुर्विज्ञान विवि के इमरजेंसी ट्राॅमा सेंटर में बुधवार रात मरीज के परिजन का डॉक्टरों व कर्मियों से विवाद हो गया। परिजनों ने बिलिंग के बाद जांच न होने और डॉक्टरों द्वारा अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर मुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री से कार्रवाई की मांग की है।
भरथना चौराहा निवासी भूरा देवी (70) बुधवार शाम करीब चार बजे भरथना रोड पर कार की टक्कर से घायल हो गई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल से उन्हें सैफई के इमरजेंसी ट्राॅमा सेंटर रेफर किया गया। परिजनों के अनुसार, भूरा देवी को 26 अगस्त की रात ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने मरीज को कई जांचें लिखीं, जिनमें पेट का सीटी स्कैन भी शामिल था। पेट की जांच के लिए करीब 3100 रुपये की बिलिंग भी कराई गई, लेकिन बाद में ऑपरेशन पहले कराने की बात कही गई, जिससे जांच नहीं हो पाई।
बिलिंग कराने के बाद जांच न होने पर परिजनों ने सवाल किया। मरीज के तीमारदार विपिन और धर्मेंद्र कुमार यादव ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान महिला और पुरुष डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्रता की। डॉक्टरों ने परिजनों से मरीज को वहां से ले जाने के लिए भी कहा। रात दो बजे मरीज को इटावा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। धर्मेंद्र कुमार यादव ने घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा मंत्री से जांच व कार्रवाई की मांग की।
आयुर्विज्ञान विवि के प्रवक्ता प्रोफेसर डॉ. सोमेन्द्र पाल सिंह ने इस मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घटना की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
