उदी। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में अजबपुर मड़ैया में एक दंगल का आयोजन किया गया। इसमें दूर-दराज से आए पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। दंगल में कुल 61 छोटी-बड़ी कुश्तियां हुईं। पहलवानों के मुकाबले देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुश्ती प्रेमी अखाड़े में जुटे। मुख्य झंडा कुश्ती राजस्थान के शेरा पहलवान ने बिना कुश्ती लड़े ही अपने नाम की। शेरा से कुश्ती लड़ने के लिए कोई पहलवान दंगल में नहीं उतरा। उन्हें झंडा कुश्ती के लिए निर्धारित 15 हजार रुपये की इनामी राशि मिली। दर्शकों ने तालियों से शेरा पहलवान का उत्साह बढ़ाया। दंगल में जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
दंगल की झंडा कुश्ती चकरनगर के विकास पहलवान और महुआ शाला के राजा पहलवान के बीच हुई। यह मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिसके बाद 5100 रुपये की इनामी राशि दोनों पहलवानों को बराबर दी गई। दूसरी झंडा कुश्ती भरतपुर के हेमू पहलवान और मटाटी के गोलू पहलवान के बीच हुई। यह मुकाबला भी बराबरी पर समाप्त हुआ और 5100 रुपये की इनामी राशि दोनों में बांटी गई। आनंद भदौरिया, ब्रह्मलाल और पं. रामकुमार खलीफा ने रेफरी की भूमिका निभाई।
