बकेवर। राजस्थान में मंदिर की पुताई के दौरान बिजली लाइन की चपेट में आने से बकेवर क्षेत्र के मलूपुर गांव निवासी युवक की मौत हो गई। रविवार को शव गांव पहुंचने पर परिजन ने ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मलूपुर निवासी गणेश प्रजापति का इकलौता बेटा सत्येंद्र(22) करीब तीन साल से गांव के ठेकेदार धर्मेंद्र कुमार शर्मा के साथ रंगाई-पुताई का काम करता था। करीब एक सप्ताह पहले वह ठेकेदार के साथ राजस्थान गया था। शनिवार दोपहर जयपुर में मंदिर की पुताई के दौरान रेलिंग के पास से गुजर रही बिजली लाइन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। मृतक के पिता गणेश ने बताया कि शाम को ठेकेदार ने फोन कर सत्येंद्र की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। परिजन राजस्थान के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ठेकेदार ने सत्येंद्र को सैफई ले आने की बात कहकर उन्हें वापस लौटने को कहा, बाद में ठेकेदार शव लेकर गांव पहुंचा। शव पर जलने के निशान देखकर परिजनों ने ठेकेदार पर तेजाब डालकर हत्या किए जाने की आशंका जताई। मां त्रिवेणी देवी ने घटना की तत्काल सूचना नहीं देने पर सवाल उठाए। बहन रूपा ने बताया कि शनिवार सुबह आठ बजे उसकी भाई से फोन पर बात हुई थी और उसने किसी परेशानी की जानकारी नहीं दी थी। ठेकेदार धर्मेंद्र ने बताया कि पुताई के दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से सत्येंद्र को करंट लगा। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि घटना राजस्थान की है। परिजनों की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट होगा।
