As soon as the burning of Lanka and the slaying of Akshayakumara took place, the cry of 'Jai Shri Ram' resounded.

फोटो 41: बालि वध सुग्रीव युद्ध लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद

जसवंतनगर। विश्व प्रसिद्ध मैदानी रामलीला में शनिवार सायंकाल भव्य मंचन हुआ, जिसमें बाली वध, रावण-हनुमान संवाद, लंका दहन तथा अक्षयकुमार वध की लीला का शानदार प्रदर्शन कलाकारों ने किया। अक्षय कुमार का वध होते ही श्रद्धालु जयश्रीराम के नारे लगाने लगे।


रामलीला मंचन में दिखाया गया कि रावण की आज्ञा से उसकी सेना हनुमान की पूंछ में आग लगा देती है। पवनपुत्र हनुमान अपनी शक्ति से पूरी लंका को अग्नि ज्वालाओं में समेट देते हैं और वापस लौटकर श्रीराम को बताते हैं कि माता सीता अशोक वाटिका में विराजमान हैं तथा निरंतर उनका नाम जप रही हैं। यह सुनकर राम व्याकुल हो उठते हैं। उधर विभीषण रावण को समझाने का प्रयास करता है कि सीता माता को श्रीराम को लौटा दें, परंतु रावण क्रोधित होकर विभीषण को लात मारकर लंका से निकाल देते हैं।

इसके बाद भगवान श्रीराम अपनी सेना को युद्ध की तैयारी हेतु रामेश्वर सेतु निर्माण का आदेश देते हैं। सुग्रीव, अंगद, नल-नील और जामवंत आदि पत्थरों पर राम लिखकर समुद्र पर सेतु का निर्माण करते हैं। तत्पश्चात राम, अंगद को दूत बनाकर रावण के पास भेजते हैं। अंगद समझाने का भरसक प्रयास करता है, किंतु रावण नहीं मानता। रामलीला स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी रही। व्यवस्थाओं का संचालन प्रबंधक राजीव गुप्ता तथा अजेन्द्र गौर आदि ने किया।

फोटो 41: बालि वध सुग्रीव युद्ध लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद

फोटो 41: बालि वध सुग्रीव युद्ध लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद



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