सैफई। आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग के तत्वावधान में इंडियन एकेडमी ऑफ साइटोलॉजिस्ट्स (आईएसी) उत्तर प्रदेश चैप्टर का दो दिवसीय सम्मेलन और कार्यशाला 29 और 30 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुई। सम्मेलन में साइटोपैथोलॉजी के क्षेत्र में विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

विशेषज्ञों ने कहा कि साइटोपैथोलॉजी में लगातार नई तकनीकें विकसित हो रही हैं। ऐसे अकादमिक आयोजन चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नवीनतम जानकारी देने के साथ उनके नैदानिक और व्यावहारिक कौशल को बेहतर बनाने में सहायक हैं। सम्मेलन में पैथोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. धर्म पाल लोकवानी, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. द्विजेंद्र नाथ और डॉ. प्रवेश कुमार बंसल को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पहले दिन वैज्ञानिक कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण डॉ. पद्म कुमारी अग्रवाल व्याख्यान रहा। पीजीआई चंडीगढ़ की प्रोफेसर डॉ. नलिनी गुप्ता ने पैथोलॉजी और साइटोपैथोलॉजी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिया। मौखिक और चित्रात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने शोध कार्य भी साझा किए। सम्मेलन में पैथोलॉजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पिंकी पांडे और संकाय सदस्य डॉ. विनीत चतुर्वेदी की स्मृतियों को भी भावपूर्वक याद किया गया।

दूसरे दिन साइटोपैथोलॉजी पर केंद्रित हैंड्स-ऑन कार्यशाला हुई। इसमें विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकों और प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। सम्मेलन के माध्यम से चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक एवं अकादमिक संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह, प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रमाकांत यादव, डीन प्रो. (डॉ.) आदेश कुमार, रजिस्ट्रार दीपक वर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह, आईएसी अध्यक्ष डॉ. राम नवल राव, सचिव डॉ. मधु कुमार, आयोजन अध्यक्ष डॉ. सीमा दयाल, आयोजन सचिव डॉ. रूपक अग्रवाल और सह-सचिव डॉ. संजीव कुमार सिंह मौजूद रहे।



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