ताखा। सीपीएम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सात दिवसीय अभियान चलाया। यह अभियान 26 सितंबर से 2 अक्तूबर तक ताखा तहसील क्षेत्र में चला। वामपंथी दलों के आह्वान पर यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।

अभियान के दौरान पार्टी ने चार सभाएं कीं और तीन स्थानों पर मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले जलाए। सभाओं में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे उठे। माकपा जिलामंत्री एनआर यादव ने मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को वोट न देने वाले समुदायों के 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सरकार के इशारे पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली चयन समिति बहाल करने को कहा।

एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए नाम दोबारा जोड़ने की मांग भी उठी। डॉ. विश्राम सिंह ने ताखा के 17 गांवों में औद्योगिक गलियारे के लिए प्रस्तावित भूमि सर्वे का मुद्दा उठाया। उन्होंने किसानों से 75 प्रतिशत सहमति के बाद ही जमीन लिए जाने की बात कही। (संवाद)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *