इटावा। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाने के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन और उद्यमिता विकास केंद्र ने सोशल मीडिया को संवाद का प्रमुख माध्यम बनाया है। विभाग की ओर से लगभग सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी सूचनाओं और उद्यमिता से संबंधित जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग और आमजन के बीच सीधे संवाद की व्यवस्था मजबूत की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे युवाओं और नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत जिले को 1,700 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है। अब तक 444 लाभार्थियों के ऋण प्रकरण बैंक की ओर से स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 173 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 66 लाख रुपये के ऋण प्रकरण स्वीकृत हुए हैं। वहीं, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्त पोषण योजना में 166 लाख रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 31 लाख रुपये के ऋण प्रकरण बैंक ने स्वीकृत किए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि ओडीओपी के तहत टेक्सटाइल एवं सिलाई-कढ़ाई उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। 18 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुष लेडीज सूट, जेंट्स परिधान, शादी-विवाह के कपड़े, सिलाई-कढ़ाई उत्पादों से जुड़ा विनिर्माण, व्यापार या सेवा शुरू कर सकते हैं। पात्र लाभार्थियों को बैंक ऋण के साथ 25 प्रतिशत तक विभागीय अनुदान का प्रावधान है।

एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत खीर मोहन और मठे के आलू को कारोबार से जोड़ने की योजना है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और खाद्य कारोबार करने वाले इन स्थानीय व्यंजनों को अपने प्रतिष्ठान में शामिल कर सकते हैं। इनके निर्माण, बिक्री और ब्रांडिंग के जरिए स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

उद्यमियों की सुविधा के लिए विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया है। सीएम युवा योजना में विभागीय स्तर पर फाइल के निस्तारण के लिए तीन दिन की समयसीमा निर्धारित की गई है। वहीं ओडीओपी, ओडीओसी समेत अन्य योजनाओं के आवेदन पर अधिकतम सात दिन में विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है।



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