कालपी/कदौरा/जालौन। कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में 13 लोगों की मौत की घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। बुधवार को प्रशासन की टीम ने कदौरा में नियमों की अनदेखी कर संचालित हो रहे एक पटाखा गोदाम को सील किया गया। वहीं दूसरे गोदाम संचालक को कमियां दूर करने की चेतावनी दी गई।
एसडीएम कालपी विनय कुमार मौर्य और सीओ राजेश कमल ने अग्निशमन विभाग की टीम के साथ क्षेत्र के पटाखा गोदामों में अचानक जांच की। कार्रवाई के दौरान कदौरा-जलालपुर मार्ग पर स्थित एक पटाखा गोदाम में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। गोदाम के ठीक बगल में ढाबा संचालित था, जहां खाना बनाने के लिए आग की भट्ठी जल रही थी। इसके अलावा परिसर में बिजली के तार भी अस्त-व्यस्त हालत में मिले और आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। उसे तत्काल प्रभाव से सील करने के निर्देश दिए।
इससे पहले टीम ने बबीना स्थित एक अन्य पटाखा गोदाम की जांच की। यहां लाइसेंस और अन्य अभिलेखों के साथ सुरक्षा मानकों को परखा गया। कुछ तकनीकी कमियां मिलने पर संचालक को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
कालपी में पटाखा दुकानों की जांच, स्टॉक और सुरक्षा इंतजाम परखे
कालपी। एसडीएम विनय कुमार मौर्य और सीओ राजेश कमल ने अग्निशमन दल के साथ वन विभाग कार्यालय के पास संचालित आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों में रखे पटाखों के स्टॉक, निर्धारित भंडारण क्षमता, लाइसेंस और गोदामों की स्थिति की जानकारी ली। (संवाद)
11 आतिशबाजी दुकानों का निरीक्षण, लाइसेंस से लेकर फायर सिलिंडर तक जांचे
जालौन। प्रभारी कोतवाल लालबाबू मिश्रा ने बुधवार को नगर में संचालित 11 आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों के लाइसेंस, उनकी वैधता, निर्धारित भंडारण क्षमता और आग से बचाव के इंतजामों की जांच की गई। दुकानों पर रखे अग्निशमन सिलिंडर, बालू, पानी की टंकी और अन्य सुरक्षा उपकरण भी देखे गए। (संवाद)
