इटावा। अगर आप या आपका कोई परिचित दिल का मरीज है तो वह जिला अस्पताल जाने के बारे में न सोचे, क्योंकि यहां पर हृदय रोगियों के इलाज की कोई भी सुविधा नहीं है। 12 साल से हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के चलते हर रोज 10 से 12 मरीजों को सिर्फ सैफई आयुर्विज्ञान विवि रेफर किया जाता है। सर्दी के दिनों में यह संख्या दोगुनी से अधिक हो जाती है। इस समय जिला अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग सिर्फ ओपीडी बनकर रह गया है।

जिला अस्पताल में हृदय रोगियों का कोई भी इलाज नहीं है। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को सैफई आयुर्विज्ञान विवि व बाहरी जिलों के अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल में 12 सालों से हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है। अब तो यहां पर ओपीडी संचालित की जा रही है। अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट के दो पद स्वीकृत हैं लेकिन दोनों ही पद खाली हैं। समय-समय पर जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी भी अस्पताल का दौरा करते हैं लेकिन उनके ओर से इस ओर कोई भी प्रयास नहीं किए गए हैं जिसका खामियाजा हृदय रोगियों को उठाना पड़ता है।

आईसीयू बना है सेफ हाउस

इटावा। जिला अस्पताल का आईसीयू सेफ हाउस के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसमें दो बेड आरक्षित किए गए हैं जब भी जिले में मुख्यमंत्री, राज्यपाल या अन्य किसी भी वीवीआईपी का प्रोग्राम लगता है तब आईसीयू का प्रयोग सेफ हाउस के रूप में किया जाता है। उसी समय आईसीयू को खोलकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाती हैं और वीवीआईपी के जाने के बाद फिर से इसमें ताला लगा दिया जाता है। सिर्फ आईसीयू का नाम चल रहा है।

सर्दियों में बढ़ जाती हृदय रोगियों की संख्या

जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों में दिल के रोगी करीब 15 से 20 दिखाने के लिए आते हैं। सर्दियों के दिनों में हृदय रोगियों की संख्या दोगुनी से अधिक हो जाती है। मरीजों को संविदा पर तैनात डॉक्टर सामान्य स्थितियों में दवा देकर घर भेज देते हैं। स्थिति गंभीर देखकर उन्हें सैफई आयुर्विज्ञान विवि रेफर कर दिया जाता है।

वर्जन—

डॉक्टरों की काफी समय में कमी चल रही है। इसके लिए पिछले आठ माह में चार बार पत्राचार किया जा चुका है। अभी तक एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मिले हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है। हार्ट रोग विशेषज्ञ मिलने पर यह दिक्कत दूर हो जाएगी।

-डॉ. पारितोष शुक्ला, सीएमएस पुरुष जिला अस्पताल।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें