उदी। चंबल नदी के जलस्तर में अचानक तेजी के साथ हुई बढ़ोतरी से तटवर्ती गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार रात एक बजे से रविवार शाम पांच बजे तक के बीच चंबल के जलस्तर 6.17 मीटर बढ़ गया। जहां शनिवार रात एक बजे चंबल का जलस्तर 107.73 मीटर पर था वहीं 16 घंटे बाद ही जलस्तर बढ़कर 113.90 मीटर पहुंच गया है। चंबल के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे खेती करने वाले किसान फसलों को लेकर चिंतित हैं।
चंबल के आसपास के निचले इलाकों में कई किसानों के खेत है। इन खेतों में सब्जी आदि की फसल खड़ी हैं। ऐसे में किसानों को डर सता रहा है कि कहीं रातों रात उनके खेत जलमग्न न हो जाएं। चंबल का चेतावनी निशान 119.80 मीटर व खतरे का निशान 120.80 मीटर पर है। चंबल अभी भी 5.90 मीटर और खतरे के निशान से 6.90 मीटर नीचे है। चंबल का जलस्तर बढ़ने से पछायगांव, बसवारा, खेड़ा अजब सिंह सहित आसपास के तटवर्ती गांवों में ग्रामीण नदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
किसानों की चिंता इस बात को लेकर है कि यदि जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो जाएगी। जलस्तर बढ़ने के साथ नदी का पानी किनारों की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर की लगातार जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और किसानों को समय रहते सतर्क किया जा सके। चंबल में पानी बढ़ने से किसानों की निगाह अब अगले कुछ घंटों के जलस्तर पर टिकी है।
