इटावा। इटावा जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा अभी भी भगवान भरोसे है। स्कूल परिसरों और भवनों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार हटाने का काम अधूरा है। शासन से बजट जारी होने के बावजूद यह कार्य शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है।
जिले के 1447 परिषदीय विद्यालयों में लगभग एक लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। बीते कई वर्षों से 79 विद्यालयों के परिसर या भवनों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनें बच्चों के लिए खतरा बनी हुई थीं। इन खतरनाक तारों को हटवाने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। विद्युत निगम पहले बजट के अभाव का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से बचता रहा। बीते वर्ष सितंबर-अक्तूबर 2025 में शासन ने इन 79 विद्यालयों से तार हटाने के लिए 77.48 लाख रुपये का बजट जारी किया। कार्य को प्राथमिकता के आधार पर एक माह में, यानी नवंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश थे। करीब 10 महीने बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। अभी भी 16 विद्यालयों के ऊपर से तार नहीं हटे हैं। इससे बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
शासन की ओर से बजट जारी होने और स्पष्ट समय सीमा तय होने के बावजूद कार्य में देरी हुई है। विद्युत निगम बजट मिलने के करीब 10 माह बाद भी सभी स्कूलों से खतरनाक तार हटाने में नाकाम रहा है। एक माह की समय सीमा के मुकाबले 10 माह बाद भी काम अधूरा है। 16 विद्यालयों में तार न हटने से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
लंबे समय से स्कूलों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन और अन्य बिजली लाइनों को हटवाने की कवायद चल रही थी। बजट मिलने के बाद भी काम पूरा न होने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बिजली निगम के अधिकारी जल्द ही काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं। यह देखना होगा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह महत्वपूर्ण कार्य कब तक पूरा होता है।
खंड कुल चिह्नित विद्यालय इनमें नहीं हटे तार
प्रथम 01 00
द्वितीय 42 06
तृतीय 36 10
इन विद्यालयों से अब तक नहीं हटे बिजली के तार
बिजली निगम की ओर से खंड द्वितीय के पीपरीपुर, चिंडोली, महेवा देहात, पिलखना, बहादुरपुर घार और निवाड़ीखुर्द के विद्यालय शामिल है। वहीं खंड तीन के लिए नगरिया पुल, मलूपुरा, मनगांव, रमेत, महाराजपुर, केशवपुर, मधैयापुर, समसपुर, कुनैरा और भूटा गांव के विद्यालयों से भी बिजली के तार नहीं हट सके है।
वर्जन
परिषदीय विद्यालयों के परिसर से बिजली के तारों को हटाए जाने की प्रक्रिया चल रही है। चिह्नित विद्यालयों में से सिर्फ 16 विद्यालयों में तारों को हटाया जाना बाकी है। इस पर भी तेज गति से काम चल रहा है। साथ ही, बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है कि अन्य विद्यालयों, जिनमें बिजली के तार हो उन्हें चिह्नित करके हटवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
– ऋषभ देव, अधीक्षण अभियंता
