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फोटो-26-विजयीपुर में खाली पड़ी रही डाॅक्टर की कुर्सी। संवाद
फतेहपुर। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों की हकीकत रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उलट नजर आई। विजयीपुर पीएचसी में आयोजित आरोग्य मेले की पड़ताल के दौरान न चिकित्सक मौजूद मिले और न ही अन्य स्वास्थ्यकर्मी।
अस्पताल परिसर में डॉक्टरों और कर्मचारियों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। ऐसे में उपचार की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को बिना जांच और इलाज के ही लौटना पड़ा। आरोग्य मेले का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को एक ही स्थान पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है, लेकिन विजयीपुर पीएचसी में व्यवस्थाएं नदारद रहीं।
चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के नहीं पहुंचने से मरीजों को परामर्श और जांच की सुविधा नहीं मिल सकी। इससे मेले के आयोजन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं मलवां विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज में आरोग्य मेले के दौरान दोपहर तक महज 10 मरीज ही पहुंचे। कम संख्या में मरीजों के पहुंचने और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति ने मेले की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार की ओर से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित यह मेला कई स्थानों पर महज औपचारिकता बनकर रह गया। बहुआ, असोथर और औंग समेत कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आरोग्य मेले को लेकर लापरवाही देखने को मिली। सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने कहा कि आरोग्य मेले में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फोटो-26-विजयीपुर में खाली पड़ी रही डाॅक्टर की कुर्सी। संवाद

