फतेहपुर। बेटे अवनीश वर्मा की हत्या और बहू प्रियंका पर हमले की साजिश में आरोपी मां मिथलेश वर्मा की जमानत अर्जी एडीजे-4 कोर्ट की न्यायाधीश चेतना चौहान ने तीन नवंबर को निरस्त कर दी।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जरौली गांव के मजरे सीतापुर निवासी अवनीश वर्मा की नौ वर्ष पहले जाफरगंज की प्रियंका से शादी हुई थी। दोनों को कोई औलाद नहीं थी।
वादी प्रियंका के भाई प्रदीप के अनुसार संतान न होने और संपत्ति विवाद के कारण अवनीश के पिता रामविलास उसे हिस्सा नहीं देना चाहते थे। वे संपत्ति छोटे बेटे मनीष और बहू साक्षी को देना चाहते थे।
24 जून को रामविलास ने दुनाली बंदूक से अवनीश और प्रियंका को गोली मारी। इस हमले में अवनीश की मौत हो गई, जबकि प्रियंका की जान बच गई। पुलिस ने पिता रामविलास, मां मिथलेश, मनीष और साक्षी के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। प्रियंका के बयान में मिथलेश पर गोली मारने के लिए ललकारने का आरोप पाया गया, जिसके आधार पर जमानत याचिका निरस्त हुई।
मनीष और साक्षी के नाम विवेचना में हटे
विवेचक ने विवेचना के दौरान ही साजिश के आरोपी मनीष और साक्षी की नामजदगी गलत पाई। घटना दौरान दोनों की लोकेशन घर में नहीं मिली। वादी के बयान में भी इनकी भूमिका सामने नहीं मिलने पर दोनों के नाम हटाए जा चुके हैं।

