फतेहपुर। बेमौसम बारिश किसानों और धान कारोबारियों के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार को दिनभर और शनिवार सुबह हुई बारिश से बिंदकी नवीन मंडी समिति और बांदा-सागर रोड स्थित आदर्श मंडी में हजारों क्विंटल धान भीग गया। इससे मंडियों में खरीद-फरोख्त प्रभावित होने के साथ किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। व्यापारी भीगे धान को कम कीमत पर खरीदने की बात कह रहे हैं।

नवीन मंडी समिति बिंदकी में इन दिनों प्रतिदिन करीब 10 हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। मंडी परिसर में खुले में रखी बड़ी मात्रा में उपज बारिश की चपेट में आ गई। शनिवार को बारिश के चलते कारोबार लगभग ठप रहा।

मौसम खराब होने के कारण किसान धान लेकर व्यापारियों की दुकानों तक नहीं पहुंचे। वहीं व्यापारी भी नई खरीदारी करने के बजाय पहले से रखे भीगे धान को सुरक्षित करने में जुटे रहे। इससे मंडी में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल नहीं रही।

वहीं बांदा-सागर रोड स्थित आदर्श मंडी में निजी कांटों पर धान की तौल हो रही है। यहां तौल के इंतजार में खुले में रखा किसानों का धान करीब 48 घंटे तक हुई बारिश में भीग गया। किसानों ने खेतों में फसल को बारिश से बचा लिया था, लेकिन मंडी में खुले में रखी उपज को सुरक्षित नहीं रख सके। अब व्यापारी भीगे धान को कम दाम पर खरीदने की बात कह रहे हैं।

शाह निवासी किसान रामसिंह यादव ने बताया कि वह मंडी में धान बेचने आए थे। रात में अचानक बारिश होने से उनका धान भीग गया। अब उसे फैलाकर सुखाना पड़ेगा। इसके बावजूद व्यापारी कम कीमत देने की बात कह रहे हैं। इससे किसानों को दोहरी परेशानी उठानी पड़ रही है।

गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवम गुप्ता ने बताया कि बारिश के कारण शनिवार को धान की खरीद प्रभावित रही। मंडी में खुले में रखे धान को बारिश से बचाने के लिए ढकने की व्यवस्था कराई जा रही है, ताकि किसानों को नुकसान न उठाना पड़े।

फोटो-34-बिंदकी मंडी में भीगा धान का ढ़ेर। संवाद

फोटो-34-बिंदकी मंडी में भीगा धान का ढ़ेर। संवाद– फोटो : Samvad



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