खखरेरू। थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 सरोजिनी नगर में खुले कुएं में कबूतर को पकड़ने के प्रयास में गिरे रेहान (10) का शव करीब 13 घंटे बाद परिजन ने बाहर निकाला। रात करीब 11 बजे रेहान के चचेरे भाई नौशाद और फूफा नियाज अहमद रस्से के सहारे कुएं में उतरे। एक घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद दोनों रात करीब एक बजे शव निकालने में सफल हुए।
सरोजिनी नगर निवासी साबिर अली का बेटा रेहान शनिवार सुबह करीब 11 बजे कबूतर पकड़ने के चक्कर में कुएं के पास पहुंचा था। बारिश के कारण पैर फिसलने से वह करीब 80 फीट गहरे कुएं में गिर गया। कुएं में लगभग 40 फीट पानी भरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी समय लगा। नगर पंचायत की ओर से सबमर्सिबल पंप लगाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया। करीब 20 फीट पानी निकालने के बाद भी बालक का पता नहीं चल सका।
दरअसल यह कुआं गांव के दिवंगत लाल मियां का है। पहले यहां ट्यूबवेल के सहारे पानी निकाला जाता था। ट्यूबवेल का पंखा नीचे धन्नी के सहारे बंधा रहता था। इसी धन्नी में बालक के धड़ का हिस्सा फंस गया था, जिसके कारण वह पानी से ऊपर नहीं आ सका। रेस्क्यू अभियान के दौरान बीच-बीच में बूंदाबांदी होने से भी बचाव कार्य प्रभावित होता रहा।
कौशाम्बी जिले के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र निवासी फूका नियाज अहमद और रेहान के चचेरे भाई नौशाद रस्से के सहारे कुएं में उतरे। पानी निकालने के बाद भी कुएं में करीब 15 से 20 फीट पानी भरा हुआ था। दोनों ने पहले पानी में लग्घी डालकर बालक की तलाश की। आहट मिलने पर पानी में डुबकी लगाई तो बालक धन्नी में फंसा मिला। इसके बाद उसे रस्सी से बांधकर बाहर निकाला गया।
रेहान का शव बाहर आते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने बताया कि परिजन ने शव को गांव के कब्रिस्तान में दफन कर दिया। अभी किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
टीमों के लौटने के बाद परिजन उतरे कुएं में
मां मदीना ने बताया कि रात करीब 10 बजे पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके से लौट गई थीं। लेखपाल सुनील कुमार ने भी बताया कि बारिश के कारण करीब 10 बजे रेस्क्यू स्थल से लौटना पड़ा। इसके बाद भी ग्रामीण और परिजन मौके पर डटे रहे। आखिरकार परिजन ने खुद कुएं में उतरकर बालक की तलाश की और शव बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने बताया कि लाल मियां का यह कुआं करीब 35 वर्ष से अनुपयोगी है। बस्ती से लगभग 500 मीटर दूर स्थित यह कुआं खुला पड़ा था। इसे न तो ढका गया था और न ही चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुएं को सुरक्षित नहीं किए जाने के मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।
बेटे की मौत से बेसुध हुई मां, पिता की आंखों से छलके आंसू
रेहान की मां मदीना बेगम ने बताया कि शनिवार सुबह करीब आठ बजे बेटा घर से यह पूछने निकला था कि स्कूल खुला है या बंद। उसकी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं। करीब 11 बजे परिवार को उसके कुएं में गिरने की सूचना मिली। इसके बाद मां और बड़ा भाई कैयान मौके पर पहुंचे। बेटे की मौत की खबर से बदहवास मां को महिलाएं संभालती नजर आईं। वहीं बीमारी के चलते कमजोर पिता साबिर अली बेटे को खोने के गम में लगातार आंसू बहाते रहे।

फोटो-20-खखरेरू: रोते बिलखते परिजन। संवाद

फोटो-20-खखरेरू: रोते बिलखते परिजन। संवाद

फोटो-20-खखरेरू: रोते बिलखते परिजन। संवाद

