फतेहपुर। गाजीपुर थानाक्षेत्र के खेसहन पुलिया से देसी और अंग्रेजी शराब बेचते दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के साथ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। विभाग के अधिकारी यह तक पता नहीं लगा सके हैं कि शराब किन दुकानों की है। जबकि तीन साल पहले इसी क्षेत्र में ठेके से ली गई मिलावटी शराब से कई लोगों की मौत हो चुकी है।
गाजीपुर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने पुलिया के पास से खेसहन गांव के भानू प्रताप सिंह, अमित कुमार को गिरफ्तार किया है। उनसे देसी शराब 60 क्वार्टर (200 एमएल), घंटी वोदका 65 क्वार्टर ( 180 एमएल), अंग्रेजी 42 क्वार्टर (180 एमएल) कुल 167 क्वार्टर शराब बरामद की गई। एसएसआई विनोद सिंह ने बताया कि आरोपी परचून की दुकान से शराब बेचते पकड़े गए हैं।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह लोग लाइसेंसी दुकानों से शराब बेचने के लिए लाए हैं। दाम से करीब 25 रुपये बढ़ाकर बेचते हैं। इसके आधार पर दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आबकारी निरीक्षक निधि सिंह ने बताया कि आरोपियों ने क्यूआर कोड हटा दिए हैं। इसी वजह से किस दुकान से शराब खरीदी गई है। इसका पता नहीं लग सका है। शराब की जांच के लिए नमूना लिया गया है।
तीन साल पहले हुई गलती को दोहरा रहा विभाग
आबकारी विभाग की लापरवाही से गाजीपुर थानाक्षेत्र की एक अनुज्ञापी की दुकान पर बिकने वाली नकली शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई थी। मौतों के बाद अनुज्ञापी को जेल भेजा गया। कई पुलिस कर्मियों और आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। उस समय भी बरामद शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड नहीं मिले थे। खेसहन में पकड़ी गई शराब भी नकली होने की संभावना हो सकती है।
