इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिश्तेदार की संपत्ति पर जबरन कब्जा करने के मामले में भदोई के पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी राम लली मिश्रा की जमानत मंजूर कर ली है। साथ ही ट्रायल कोर्ट से मिली दस साल कैद की सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह की अदालत ने रामलली की अपील पर दिया है। राम लली मिश्रा को ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि पूरा विवाद मेसर्स कृष्ण मोहन तिवारी नामक साझेदारी फर्म से संबंधित है।


यह मूलतः दीवानी प्रकृति का विवाद है। एफआईआर में राम लली के खिलाफ कोई स्पष्ट और विशिष्ट आरोप नहीं लगाया गया था। मुख्य आरोप उनके पति विजय मिश्रा के खिलाफ थे। याची की उम्र 70 वर्ष है और वह करीब तीन माह की हिरासत भुगत चुकी हैं।वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि मुकदमा वादी की आवासीय संपत्ति पर दबाव और बलपूर्वक कब्जे का प्रयास किया गया तथा साझेदारी फर्म की धनराशि को अवैध रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया है। लिहाजा, जमानत खारिज किए जाने योग्य है। हालांकि, कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। साथ ही सजा के निलंबन का आदेश भी दिया है।

 



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