उरई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों में लंबित मांगों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन, नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा समेत लंबित मांगों के समाधान की मांग की।
कर्मचारियों ने कहा कि एनएचएम कर्मी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह कई सेवा लाभ नहीं मिल रहे हैं। ज्ञापन में कार्य अवधि, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी वेतन निर्धारण व वार्षिक वृद्धि की नीति लागू करने, रिक्त पदों को भरने और पदों के आधार पर स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने वर्ष 2018 में केंद्र सरकार की ओर से एनएचएम कर्मियों के नियमितीकरण संबंधी निर्देशों के तहत कार्रवाई, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी और स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने की मांग की। मांगों को लेकर आंदोलन की रूपरेखा भी तय की गई है। सात अक्तूबा को सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन और आठ अक्तूबर को लखनऊ में प्रदर्शन प्रस्तावित है। कर्मचारियों ने चेताया कि मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान डॉ. अजय चौहान, डॉ. पंकज, डॉ. श्रवण, सुशील मौर्य, रामकुमारी पाल, विपिन वाजपेयी, पवन निगम आदि मौजूद रहे।
